पटौदी में 4 साल से वेतन नहीं मिलने पर पंप ऑपरेटरों का धरना जारी, एसडीएम ने अधिकारियों को किया तलब

तन्खा तो दे दो नायब साहब
एसडीएम पटौदी ने तलब किया पटौदी परिषद, बीडीपीओ और पब्लिक हेल्थ सेनेटरी प्रशासन
पटौदी परिषद के ग्रामीण ट्यूबल पंप ऑपरेटर का 31 अगस्त से धरना जारी
पटौदी जाटोली मंडी परिषद के 9 गांव के पंप ऑपरेटर को 4 वर्ष से वेतन नहीं
विधायक सहित विभिन्न अधिकारियों को मांग पत्र सौंप कर वेतन की मांग की
संज्ञान में आने के बाद पटौदी एसडीएम ने गंभीरता से लिया इस मामले को
फतह सिंह उजाला /गुरुग्राम/27 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
पटौदी जाटोली मंडी परिषद के विभिन्न नौ गांव के ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर पिछले चार वर्ष से अपने लंबित बकाया वेतन की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इन कर्मचारियों का 31 अगस्त से परिषद जोन 2 के हेली मंडी कार्यालय के सामने धरना जारी है। ग्रामीण जलकर्मी संघ हरियाणा के बैनर तले एक दर्जन ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर अपनी इस बड़ी मांग को लेकर विधायक और संबंधित अधिकारियों को अलग-अलग मांग पत्र सौंप चुके हैं। पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच को जब यह मांग पत्र सौंपा गया और यह पूरा मामला उनके संज्ञान में आया, तो उन्होंने इस गंभीर मामले पर तुरंत संज्ञान लिया। वेतन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे इन ट्यूबवेल पंप ऑपरेटरों के द्वारा यह जानकारी दी गई है कि सोमवार को इस महत्वपूर्ण संदर्भ में पटौदी एसडीएम के द्वारा पटौदी परिषद, बीडीपीओ और पब्लिक हेल्थ एवं सेनेटरी प्रशासन को तलब किया गया है। धरना स्थल पर बैठे आंदोलनकारी कर्मचारियों ने यह पूरा विश्वास जताया है कि सोमवार को होने वाली इस बैठक से कोई ना कोई समाधान का रास्ता अवश्य निकलना चाहिए।
परिषद के गठन और नौ गांवों के शामिल होने का पूरा मामला
ग्रामीण जलकर्मी संघ हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मदत, जिले सिंह, जयप्रकाश, सुरेश कुमार, सुभाष, तेजू, सुरेंद्र, देवेंद्र, श्री भगवान, अशोक पिंटू, सुभाष, प्रदीप, कुलदीप, राजेंद्र सिंह और अन्य साथियों के द्वारा यह विस्तार से बताया गया है कि पटौदी जाटोली मंडी परिषद के गठन और इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के साथ ही इसके साथ लगते विभिन्न नौ गांव इस परिषद की सीमा क्षेत्र में शामिल कर दिए गए थे। इन नौ गांवों में रामपुर, मिर्जापुर, देवलावास मिलकपुर, छावन, हेड़ाहेड़ी, खानपुर, नरहेडा और सफेद नगर के नाम मुख्य रूप से शामिल हैं। इन्हीं सभी गांवों की वार्ड बंदी के साथ ही पटौदी जाटोली मंडी परिषद के चुनाव संपन्न हुए हैं तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि का भी चुनाव किया गया है। पटौदी जाटोली मंडी परिषद की अधिसूचना जारी होने के बाद 28 अगस्त 2022 को संबंधित गांवों के ये 12 पंप ऑपरेटर जो कि पहले बीडीपीओ पटौदी के अंतर्गत कार्यरत थे, इन सभी कर्मचारियों का नियोक्ता नवगठित अथवा नव घोषित पटौदी जाटोली मंडी परिषद प्रशासन को सौंप दिया गया था।
विभागों के बीच दौड़ लगाने को मजबूर हुए कर्मचारी
इस पूरी प्रक्रिया के बाद से ही एक दर्जन ट्यूबवेल पंप ऑपरेटर को उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है और उन्हें लगातार पटौदी परिषद, बीडीपीओ कार्यालय और पब्लिक हेल्थ सेनेटरी विभाग के बीच में केवल चक्कर काटने और दौड़ लगाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कर्मचारियों का यह साफ तौर पर कहना है कि उनके द्वारा जहां-जहां भी और जिस भी अधिकारी को मांग पत्र सौंपा गया है, उस मांग पत्र के साथ ही विभिन्न विभागों के द्वारा पूर्व में जारी किए गए सभी जरूरी दस्तावेज भी संलग्न करके दिए गए हैं। सोमवार को पटौदी एसडीएम के द्वारा तलब किए गए संबंधित विभागों के अधिकारियों और बकाया वेतन के लिए लंबे समय से संघर्षरत कर्मचारियों की मौजूदगी में वेतन भुगतान के इस गंभीर संदर्भ पर बहुत ही गंभीरता के साथ मंथन होना पूरी तरह से माना जा रहा है।
मानवीय आधार पर चल रही पानी की आपूर्ति और प्रभावित कर्मचारी
कर्मचारी नेताओं के द्वारा यह भी विशेष रूप से बताया गया है कि पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र के इन गांवों में पेयजल की आपूर्ति बिना किसी वेतन भुगतान के ही पूरी तरह से मानवीय आधार पर पिछले 4 वर्ष से लगातार की जा रही है। जिन कर्मचारियों को अपना यह लंबा बकाया वेतन लेना है, उनमें मुख्य रूप से रामपुर के मनोज, हेरहेरी के श्री भगवान, राजेंद्र सिंह, खानपुर के मनते राम, हरि ओम, नरेहडा के जिले सिंह, मुनेश कुमार, मिर्जापुर के सुरेश, जय किशन, हर्ष यादव, छावन के जयप्रकाश और सुमित के नाम शामिल हैं। इन सभी ट्यूबवेल पंप ऑपरेटरों की आरंभिक नियुक्ति स्थानीय पंचायत विभाग के द्वारा किया जाना बताया गया है। कर्मचारियों ने यह भी मुख्य रूप से जानकारी दी है कि ट्यूबवेल की मोटर इत्यादि खराब होने पर इनकी मरम्मत का पूरा कार्य पब्लिक हेल्थ एवं सेनेटरी विभाग के द्वारा ही किया जा रहा है। चार वर्ष से लगातार अपने वेतन भुगतान का लंबा इंतजार कर रहे इन सभी कर्मचारियों की अंतिम उम्मीद अब केवल सोमवार को होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक पर पूरी तरह से टिकी हुई है।