सरकारी धन के गबन के आरोपी परिषद के ईओ को अभिलंब करें रिलीव: रामबीर सिंह

सरकारी धन के गबन के आरोपी परिषद के ईओ को अभिलंब करें रिलीव: रामबीर सिंह

सरकारी धन के गबन के आरोपी परिषद के ईओ को अभिलंब रिलीव करें- रामबीर 

भ्रष्टाचार के आरोपी पटौदी परिषद के ई ओ को किसका संरक्षण प्राप्त 

सोहना परिषद अधिकारी के रूप में कार्य करते जांच में भ्रष्टाचार की पोल खुली

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

स्ट्रीट लाइट खरीद घोटाले में एसीबी द्वारा टोटल 11 अधिकारियों पर मामला दर्ज 

मामले की गंभीरता-संवेदनशीलता को देखते हुए पटौदी कार्यकाल की जांच जरूरी

पटौदी/फतह सिंह उजाला /19 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

पटौदी जाटोली मंडी परिषद के कार्यकारी अधिकारी पर कथित भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप में मामला दर्ज होने के बाद उनके पटौदी से अविलंब रिलीव किया जाने का मुद्दा गरम होने लगा है । इस विषय में एक्स एमएलए एसोसिएशन हरियाणा के प्रेसिडेंट रामबीर सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि एसीबी जैसी संस्था के द्वारा पहले जांच और उसके बाद मामला दर्ज होने के उपरांत आरोपी ठहराए जाने पर अभी तक तो आरोपी अधिकारी को रिलीव कर दिया जाना चाहिए । उन्होंने सवाल उठाया आखिर ऐसा क्या और कौन से कारण रहे हैं, कि एसीबी के द्वारा भ्रष्टाचार में नामित अधिकारी को किसका संरक्षण प्राप्त हो रहा है ? यह भी अपने आप में अब जांच का विषय बनता जा रहा है।

रामबीर सिंह ने मीडिया रिपोर्ट और अपने स्तर पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बताया कि सोहना नगर परिषद में खरीद की गई स्ट्रीट लाइट के मामले की एसीबी के द्वारा शिकायत प्राप्त होने पर जांच की गई। कई वर्ष लंबी और बेहद बारीकी तथा कई स्तर की जांच के बाद स्ट्रीट लाइट खरीद में एसीबी को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाना पाया गया। इसी सिलसिले में विभिन्न स्तर के संबंधित स्ट्रीट लाइट मामले से जुड़े हुए लगभग 11 अधिकारियों के खिलाफ तथ्यात्मक जानकारी देते हुए आपराधिक मामला दर्ज किया गया । इन्हीं आरोपी अधिकारियों में सोहना नगर परिषद में कार्यरत रहे तथा मौजूदा समय में पटौदी जाटोली मंडी परिषद में कार्यरत इओ संदीप मलिक का नाम भी शामिल है। जिस प्रकार स्ट्रीट लाइट खरीद में गड़बड़ी और मनमानी सहित और भी अनियमितताएं सामने आई है। वह निश्चित रूप से बीजेपी सरकार की ईमानदारी और पारदर्शिका के लिए अपने आप में बहुत बड़ी चुनौती साबित हो रही है ?

कब होगी भ्रष्टाचार की सीबीआई, विजिलेंस जांच

पटौदी जाटोली मंडी परिषद चुनाव में भाजपा के अधिकृत उम्मीदवारों को पटकनी देने के बाद भाजपा में इंपोर्ट हुए पार्षदों के द्वारा परिषद हाउस और विधायक ऑफिस की बैठक में कई बार भ्रष्टाचार के विभिन्न विभागों सहित अधिकारियों को दिल खोलकर डंके की चोट पर आरोपी ठहराया गया। लेकिन ऐसी क्या मजबूरी हो गई कि भ्रष्टाचार को खत्म करने वाले हनुमान बने परिषद के वाइस चेयरमैन अमित शर्मा के द्वारा एक बार भी भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों की लिखित में शिकायत और जांच की मांग डीएमसी, डीसी, मुख्यमंत्री, विभाग के मंत्री विपुल गोयल, यहां तक की हर समय उपलब्ध रहने वाली विधायक विमला चौधरी के हाथ में भी देना जरूरी नहीं समझ गया ? अब कुछ दिन पहले भी एफ एंड सीसी निर्वाचन की बैठक के बाद भी भ्रष्टाचार विरोधी हनुमान के द्वारा गर्जना की गई की परिषद में हुए विकास कार्य और उनके भुगतान संबंधित जांच सीबीआई और विजिलेंस से करवाई जाएगी। अभी यह तो भविष्य के गर्भ में है कि यह भी कोई चुनाव जीतने के बाद जुमला भी तो नहीं है।

विधायक विमला चौधरी की खामोशी बनी सवाल

सोहना नगर परिषद में स्ट्रीट लाइट की खरीद में भ्रष्टाचार का भूत वहां के पूर्व अधिकारी और मौजूदा समय में पटौदी जाटोली मंडी परिषद के अधिकारी के रूप में विधायक विमला चौधरी के निर्वाचन क्षेत्र पटौदी में भी पहुंचा हुआ है। एसीबी के द्वारा कथित रूप से सरकारी धन के दुरुपयोग का आपराधिक मामला दर्ज किया जाने के बाद  आरोपी अधिकारी को कितने और लंबे समय तक पटौदी जाटोली मंडी परिषद मैं कार्यरत रखा जाएगा या कितनी जल्दी रिलीव करवा दिया जाएगा ? क्योंकि पटौदी क्षेत्र मुख्य रूप से देश के सबसे ईमानदार राजनेताओं में गिने जाने वाले केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ है। उनके आशीर्वाद से ही विमला चौधरी दूसरी बार यहां चुनाव जीतने में सफल रही। वैसे भी वह हर सभा में कहती हैं भाजपा की ईमानदार सरकार और पारदर्शी सरकार है । भ्रष्ट अधिकारियों को यहां नहीं रहने दिया जाएगा । अब जब पूरा मामला सामने आ चुका है,  तब भी विधायक विमला चौधरी का इस मामले में  उनका पक्ष उपलब्ध नहीं हुआ है।

Share:

Comments

Leave a comment