हरियाणा में मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ नर्सिंग ऑफिसर्स का आंदोलन शुरू, सीएमओ को सौंपा ज्ञापन

प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी) लागू करने के विरोध में नर्सिंग कैडर ने अपना विरोध जताना शुरू कर दिया है। इस आंदोलन के तहत पहले दो दिन काले बिल्ले लगाकर काम किया जाएगा और फिर तीन दिन दो-दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इस संबंध में मंगलवार को गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में सीएमओ और पीएमओ को नर्सिंग कैडर की ओर से पत्र सौंपा गया है।
नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के बैनर तले इस आंदोलन को लेकर पत्र सौंपा गया है। पत्र में यह मुख्य बातें कही गई हैं:
- पूरे भारत में किसी भी राज्य में नर्सिंग कैडर पर ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं है।
- शिक्षा विभाग और अन्य विभागों में महिलाएं केवल दिन की ड्यूटी करती हैं, जबकि नर्सिंग स्टाफ रात-दिन ड्यूटी करता है।
- स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग कैडर में लगभग सभी महिलाएं कार्यरत हैं, जिन पर परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी है।
- स्वास्थ्य संस्थानों में मॉर्निंग, इवनिंग और नाइट तीन शिफ्ट में ड्यूटी होती है और नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे अस्पताल में मौजूद रहता है।
काले बिल्ले और हड़ताल का शेड्यूल
आंदोलन के पहले दो दिन यानी 30 सितंबर और एक अक्टूबर 2026 को नर्सिंग स्टाफ सभी राजकीय स्वास्थ्य संस्थानों में काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी करेगा। इसके बाद पांच, छह और सात अक्टूबर 2026 को तीनों दिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इस आंदोलन की शुरुआत को लेकर मंगलवार को सीएमओ, पीएमओ को नर्सिंग कैडर की ओर से पत्र सौंपा गया है।
नर्सिंग स्टाफ की प्रमुख चिंताएं और समस्याएं
स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग कैडर में लगभग सभी महिलाएं कार्यरत हैं। इन महिला कर्मचारियों पर बुजुर्ग माता-पिता, घर-परिवार, बच्चों की देखभाल, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियां हैं। यदि उन्हें परिवार से दूर ट्रांसफर किया जाएगा तो वे मानसिक तनाव में रहेंगी, जिसका असर उनकी ड्यूटी पर भी पड़ेगा। हरियाणा के कई स्वास्थ्य संस्थान गांव और कस्बों से बाहर सुनसान इलाकों में बने हैं। इन जगहों पर पहुंचने में महिला स्टाफ को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा और उनकी सुरक्षा को भी खतरा रहेगा। सरकार मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी) लागू करके एक तरह से नर्सिंग कैडर के लिए समस्याएं खड़ी कर रही है।
पॉलिसी वापस लेने की मांग
इस पॉलिसी के विरोध में प्रदेश भर के नर्सिंग कैडर ने आंदोलन का फैसला लिया है। सीएमओ और पीएमओ को पत्र सौंपकर नर्सिंग ऑफिसर्स ने मांग की है कि मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी) को बिना किसी शर्त के वापस लिया जाना चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि होनी चाहिए। सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने में नर्सिंग ऑफिसर्स अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए सरकार को ऐसी कोई पॉलिसी लागू नहीं करनी चाहिए, जो नर्सिंग ऑफिसर्स के हित में ना हो।