नूंह जेल में उल्लास कार्यक्रम के तहत 145 बंदियों ने दी तीसरी कक्षा की परीक्षा

नूंह जेल में उल्लास कार्यक्रम के तहत 145 बंदियों ने दी तीसरी कक्षा की परीक्षा

जिला कारागार नूंह में शिक्षा विभाग के सहयोग से बंदियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उल्लास कार्यक्रम के तहत निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जेल परिसर में तीसरी कक्षा की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में 142 पुरुष और तीन महिला बंदियों सहित कुल 145 बंदियों ने भाग लिया।

जेल अधीक्षक ने दी जानकारी

जिला कारागार की जेल अधीक्षक बिमला देवी ने रविवार को बताया कि उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से जेल में निरक्षर बंदियों को पढ़ने-लिखने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ उनके ज्ञान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

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वयस्क शिक्षा और नवभारत साक्षरता कार्यक्रम

उन्होंने बताया कि भारत सरकार का उल्लास कार्यक्रम वयस्क शिक्षा एवं नवभारत साक्षरता कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है। इसके तहत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन लोगों को साक्षर बनाने का प्रयास किया जाता है, जो किसी कारणवश औपचारिक स्कूली शिक्षा से वंचित रह गए हैं। इसी उद्देश्य के तहत जिला कारागार के बंदियों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की जा रही है।

उल्लास कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली जानकारी

उल्लास कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता में पढ़ना, लिखना और समझना, संख्यात्मक साक्षरता में सामान्य गणित एवं दैनिक जीवन में गणना, डिजिटल साक्षरता में मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के उपयोग तथा वित्तीय साक्षरता में बैंकिंग, बचत और डिजिटल भुगतान से संबंधित जानकारी दी जाती है। जेल अधीक्षक ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बंदियों को पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवनभर सीखने के अवसर उपलब्ध कराकर जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना भी है।

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