नूंह में सस्ती फॉर्च्यूनर कार का झांसा देकर 4.30 लाख रुपये की लूट मामले में आठ साल से फरार आरोपी गिरफ्तार

नूंह में सस्ती फॉर्च्यूनर कार का झांसा देकर 4.30 लाख रुपये की लूट मामले में आठ साल से फरार आरोपी गिरफ्तार

नूंह पुलिस ने वर्ष 2018 के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। थाना रोजकामेव क्षेत्र में सस्ती फॉर्च्यूनर कार दिलाने का झांसा देकर करीब 4.30 लाख रुपये की लूट की गई थी। इस मामले में नूंह पुलिस ने करीब आठ वर्षों से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सेकुल निवासी गांव भीलमका, थाना डीग, जिला डीग (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय की अनुमति के बाद प्रोडक्शन वारंट पर शामिल तफ्तीश कर गिरफ्तार किया है।

न्यायालय में पेशी और न्यायिक हिरासत

पूछताछ और घटना स्थल की निशानदेही की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शुक्रवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार इस मामले में 5 जनवरी 2018 को कर्नाटक निवासी मोहम्मद असरफ की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी थी।

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फोन कॉल और कार खरीदने की साजिश

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसके पास एक फोन कॉल आई थी। उस फोन कॉल में मात्र सात लाख रुपये में फॉर्च्यूनर गाड़ी बेचने का प्रस्ताव दिया गया था। गाड़ी खरीदने के लिए शिकायतकर्ता अपने साथी के साथ दिल्ली पहुंचा था। वहां आरोपियों ने उसे एक स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठा लिया था। इसके बाद आरोपियों ने उसे फिरोजपुर झिरका ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले लिया था।

रास्ते में रोककर लूट की वारदात

पुलिस के मुताबिक रास्ते में सोहना क्षेत्र के नजदीक आरोपियों ने स्कॉर्पियो को रोक लिया था। इसी दौरान पहले से मौजूद अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता से करीब 4 लाख 30 हजार रुपये से भरा बैग छीन लिया था। इसके साथ ही आरोपियों ने उसके साथी का मोबाइल फोन भी छीन लिया था। लूट की इस वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

साइबर सेल की जांच और अन्य आरोपियों की संलिप्तता

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो गाड़ी और मोबाइल नंबरों की जांच की थी। जांच में मुस्तकीम, शमशेर उर्फ दलशेर, राशिद, तैय्यब, मकसूद और सेकुल समेत कई आरोपियों की संलिप्तता सामने आई थी। पुलिस ने पहले ही मुस्तकीम और शमशेर को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उनके कब्जे से लूट की रकम का कुछ हिस्सा और अन्य साक्ष्य बरामद किए थे।

मोबाइल फोन से खुला सेकुल का राज

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सुराग मिला। पुलिस को पता चला कि शिकायतकर्ता से लूटा गया मोबाइल फोन बाद में अलग-अलग लोगों द्वारा इस्तेमाल किया गया था। पूछताछ में सामने आया कि उक्त मोबाइल फोन सेकुल ने बेचा था। सेकुल ने ही बाद में उस मोबाइल फोन को वापस भी लिया था। मोबाइल फोन से जुड़े तथ्यों और अन्य जांच के आधार पर पुलिस ने मामले में सेकुल की संलिप्तता की पूरी पुष्टि की थी।

लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था आरोपी

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे थे। इसके लिए न्यायालय से कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी करवाए गए थे। पुलिस ने मामले में उद्घोषणा की कार्रवाई भी की थी। इसके बाद न्यायालय ने आरोपियों को पीओ घोषित कर दिया था। सेकुल भी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से दूर रहकर गिरफ्तारी से बच रहा था। अंततः नूंह पुलिस द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों के बाद उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिल गई है।

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