नूंह में पेयजल संकट और जलभराव पर विधायक आफताब अहमद ने की अधिकारियों के साथ बैठक

नूंह के विधायक आफताब अहमद ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जन स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में पेयजल आपूर्ति और बरसात के बाद खेतों में होने वाले जलभराव की समस्या पर चर्चा करना था। विधायक ने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। बैठक के दौरान गांधीग्राम घासेड़ा सहित विभिन्न गांवों के सरपंचों और ग्रामीण लोगों ने भी भाग लिया और अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा
विधायक आफताब अहमद ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान उन्होंने सरकार से पूरे हरियाणा में पेयजल आपूर्ति के निर्धारित मापदंडों को लेकर सवाल किया था। सरकार के स्तर पर यह नियम तय है कि प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। लेकिन नूंह और पलवल जिलों में अन्य क्षेत्रों की तुलना में पेयजल की आपूर्ति काफी कम हो रही है।
नूंह के 80 गांवों में पर्याप्त पानी नहीं
आफताब अहमद ने जानकारी दी कि नूंह जिले के करीब 80 गांव ऐसे हैं जहां आज भी लोगों के घरों तक पर्याप्त मात्रा में पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के समक्ष इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आम लोगों को बुनियादी और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की मुख्य जिम्मेदारी है। जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जानी चाहिए। बैठक में नूंह जिले के सबसे बड़े गांवों में शामिल गांधीग्राम घासेड़ा के सरपंच और ग्रामीणों ने भी पेयजल से जुड़ी अपनी समस्याएं रखीं। विधायक ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने और तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
खेतों में जलभराव और गेहूं की बिजाई
बरसात के बाद खेतों में हुए जलभराव की समस्या पर भी विधायक ने अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों को गेहूं की बिजाई के समय किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करने दिया जाएगा। खेतों में जमा हुए बरसाती पानी की निकासी गेहूं की बिजाई शुरू होने से पहले ही सुनिश्चित की जाएगी ताकि सभी किसान समय पर अपनी फसल की बिजाई कर सकें।
आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश
अंत में विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति और जल निकासी से जुड़े सभी मामलों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि ग्रामीणों की सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।