नूंह की अदालत ने नशा तस्कर को सुनाई 12 साल कैद की सजा और डेढ़ लाख रुपये जुर्माना

नूंह की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी इरफान निवासी तिरवाड़ा, थाना बिछौर को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी पर एक लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के इस फैसले से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।
जुर्माना न देने पर होगी अतिरिक्त सजा
नियमों के अनुसार यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे छह माह की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। पुलिस प्रवक्ता ने सोमवार को इस मामले की पूरी जानकारी दी है। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह पूरी कार्रवाई की गई थी।
ऐसे हुई थी पुलिस कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि 21 अगस्त 2024 को थाना बिछौर पुलिस को एक अहम सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक इरफान अपनी गाड़ी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप लेकर बिक्री के लिए जा रहा था। इस सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नूंह-अलवर रोड पर गांव तिरवाड़ा के पास नाकाबंदी कर दी थी। नाकाबंदी के बाद पुलिस ने वहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच शुरू की थी।
वाहन की तलाशी में बरामद हुईं प्रतिबंधित कफ सिरप की बोतलें
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने संदिग्ध वाहन की पूरी तलाशी ली। तलाशी के दौरान गाड़ी में से विंग्स कंपनी की कोडीन फॉस्फेट युक्त प्रतिबंधित सिरप की कुल 240 बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने तुरंत प्रभाव से बरामद सभी नशीली सिरप को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अदालत का फैसला और सख्त टिप्पणी
जांच के दौरान पुलिस ने सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोपी को अदालत में पेश किया। मामले की लंबी सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी सीधे तौर पर तस्करी के इरादे की ओर संकेत करती है। अदालत ने यह भी माना कि ऐसे गंभीर मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जाने की पूरी संभावना है। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दोषी को किसी भी प्रकार की रियायत देने से साफ इनकार कर दिया और उसे निर्धारित सजा सुनाई।