नूंह: मंडियों में किसान हो रहा परेशान, बाजरे की खरीद और एमएसपी को लेकर आफताब अहमद ने उठाए गंभीर सवाल

नूंह जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस विधायक दल के उप नेता और नूंह विधायक चौधरी आफ़ताब अहमद ने रविवार को तावडू अनाज मंडी का दौरा किया है। उन्होंने मंडी में पहुंचकर किसानों, आढ़तियों और मंडी कर्मचारियों से मुलाकात की है और व्यवस्था का पूरा जायजा लिया है। मंडी पहुंचने पर उन्होंने फसल खरीद से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी ली है। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत की है और उनकी समस्याओं व मंडी में आ रही परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की है।
बाजरे के न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसानों की मजबूरी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इस तय मूल्य में भावांतर भरपाई योजना भी शामिल है। विधायक आफ़ताब अहमद ने यह बड़ा बयान दिया है कि किसानों को यह न्यूनतम समर्थन मूल्य बिल्कुल नहीं मिल रहा है। किसानों को अपनी मजबूरी के कारण अपने बाजरे को 1,800 रुपये से 2,000 रुपये प्रति क्विंटल तक के कम दामों में बेचना पड़ा है।
फसल खरीद और समस्याओं का जायजा
चौधरी आफ़ताब अहमद ने मंडी के अंदर फसल खरीद, तौल, उठान तथा अन्य सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया है। उन्होंने सभी किसानों से यह पूछा है कि उन्हें अपनी फसल बेचने के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत तो नहीं आ रही है। सभी किसानों ने मंडी से संबंधित अपनी विभिन्न समस्याओं को विधायक के समक्ष रखा है। विधायक ने किसानों की बात को बहुत गंभीरता से सुना है और संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का पूरा आश्वासन दिया है।
बाजरे की आवक और सरकार पर गंभीर आरोप
विधायक आफ़ताब अहमद ने यह भी बताया है कि इस बार अब तक 575 मेट्रिक टन बाजरे की फसल मंडी में पहुंच चुकी है। इस बाजरे की गुणवत्ता भी काफी अच्छी रही है लेकिन बीजेपी सरकार के निराशाजनक रवैये के कारण किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने यह भी कहा है कि बीते साल मंडी में मात्र 575 किसानों को ही भावांतर योजना का भुगतान मिल पाया था जबकि सच यह है कि हजारों किसानों ने यहां अपनी फसल बेची थी।
पोर्टल की समस्या और सरकारी खरीद पर सवाल
विधायक आफ़ताब अहमद ने यह कहा है कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल का वेरिफिकेशन नहीं हो पा रहा है। इस वेरिफिकेशन के नहीं होने के कारण किसानों के गेट पास नहीं कट पा रहे हैं। ऐसे हालात में किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने यह गंभीर आरोप लगाया है कि न तो हैफेड और न ही हरियाणा वेयरहाउस कारपोरेशन की ओर से कोई सरकारी खरीद शुरू की गई है।
गेट पास और डीसी से बातचीत
आपको बता दें कि रजिस्ट्रेशन के 48 घंटे के बाद गेट पास जारी होता है लेकिन वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण किसानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एक अक्टूबर से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। लेकिन मंडी में अभी तक खरीद की कोई व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। विधायक ने भाजपा सरकार पर किसानों की लगातार अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया है।
उपायुक्त को दी गई जानकारी और मौके पर मौजूद लोग
विधायक आफ़ताब अहमद ने यह जानकारी दी है कि यह पूरा मामला उपायुक्त अखिल पिलानी के संज्ञान में भी लाया गया है। उन्होंने यह आश्वासन दिया है कि गेट पास के लिए जो भी समस्या आ रही है उसे तुरंत सही कराया जाएगा। आफ़ताब अहमद ने कहा कि किसान दिन-रात कड़ी मेहनत करके अपनी फसल तैयार करता है। जब वह अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचता है तो उसे किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इस दौरान विधायक के साथ पीसीसी सदस्य महताब अहमद, पूर्व ब्लॉक समिति वाइस चेयरमैन जावेद अहमद और रोहतास सिंह सहित कई किसान और व्यापारी मौजूद रहे हैं।