नूंह में बड़ी कार्रवाई: ड्रमों में भरकर ले जाया जा रहा 500 किलो पनीर जब्त और नष्ट

नूंह जिला प्रशासन द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पुन्हाना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वाहन में ड्रमों में भरकर ले जाया जा रहा करीब 500 किलोग्राम पनीर मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया। इस खराब पनीर को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया है।
- खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पुन्हाना क्षेत्र में की कार्रवाई
- ड्रमों में भरकर ले जाया जा रहा था करीब 500 किलोग्राम पनीर
- पनीर मानव उपभोग के लिए पाया गया पूरी तरह अनुपयुक्त
- संबंधित व्यक्ति की सहमति से पनीर को गड्ढा खोदकर दबाया गया
रोजका मेव पुलिस ने वाहन को रोका
रोजका मेव पुलिस ने गश्त के दौरान एक वाहन को रोका। इस वाहन में पनीर का परिवहन किया जा रहा था। पुलिस ने पनीर की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को तुरंत मौके पर बुलाया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर पनीर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पनीर की स्थिति मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाई गई।
गुरुग्राम भेजी जा रही थी पनीर की खेप
जांच में सामने आया कि बाजिदपुर, तहसील पुन्हाना निवासी एक व्यक्ति इस पनीर को ले जा रहा था। यह व्यक्ति वाहन के माध्यम से इस पनीर को गुरुग्राम ले जा रहा था। गुरुग्राम ले जाकर इसे विभिन्न खाद्य कारोबार संचालकों को आपूर्ति किया जाना था। इस खतरनाक और खराब खाद्य पदार्थ की स्थिति को देखकर खाद्य सुरक्षा टीम ने तत्काल निवारक कार्रवाई शुरू कर दी।
गड्ढा खोदकर नष्ट किया गया पनीर
संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त की गई। इसके बाद टीम की निगरानी में करीब 500 किलोग्राम अनुपयुक्त पनीर को नष्ट किया गया। पनीर को नष्ट करने के लिए निर्धारित तरीके से गड्ढा खोदा गया। गड्ढे में पनीर को दबाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य इस अनुपयुक्त खाद्य पदार्थ को दोबारा खाद्य श्रृंखला में शामिल होने से रोकना था।
आयुक्त मनोज कुमार ने की व्यक्तिगत निगरानी
हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त मनोज कुमार ने इस पूरी कार्रवाई की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। उन्होंने रात्रि के दौरान फील्ड टीम से लगातार संपर्क बनाए रखा। आयुक्त ने मौके पर किए जा रहे निरीक्षण की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने पनीर के निपटान की कार्रवाई की भी पल-पल की अपडेट ली। उनके मार्गदर्शन और देखरेख में ही टीम ने समयबद्ध तरीके से इस कार्रवाई को पूरा किया।
असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर रोक का निर्देश
नूंह के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने इस मामले पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है। यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि असुरक्षित अथवा मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त खाद्य पदार्थ उपभोक्ताओं तक न पहुंचें। ऐसे खाद्य पदार्थ किसी भी स्थिति में आम जनता या उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचने चाहिए। इसके लिए सभी फील्ड टीमों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। टीमों को ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही ऐसे खाद्य पदार्थों के उचित निपटान के भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।