नायब तहसीलदार ने तोशाम के झांवरी स्कूल का किया निरीक्षण, 50 से अधिक सवालों के जरिए परखी सुरक्षा और सुविधाएं

नायब तहसीलदार ने तोशाम के झांवरी स्कूल का किया निरीक्षण, 50 से अधिक सवालों के जरिए परखी सुरक्षा और सुविधाएं

नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने तोशाम के गांव झांवरी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया है। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा से लेकर पेयजल और अन्य सभी बुनियादी सुविधाओं को बारीकी से परखा है। जिला प्रशासन द्वारा आवंटित किए गए इस स्कूल में पहुंचकर नायब तहसीलदार ने स्कूल स्टाफ से 50 से अधिक सवालों के उत्तर जाने हैं। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के स्तर को सुधारना और बच्चों को एक सुरक्षित तथा बेहतर माहौल प्रदान करना है।

मिड-डे मील से लेकर पेयजल व्यवस्था की हुई गहन पड़ताल

निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार ने मिड-डे मील से लेकर पेयजल तक हर एक व्यवस्था की पूरी पड़ताल की है। उन्होंने कंप्यूटर के प्रयोग और लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों के उपयोग के प्रति छात्रों की रुचि को भी बहुत ध्यान से जाना है। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय प्रांगण में लगाए गए पेड़ों की संख्या और उनकी किस्मों की पूरी जानकारी भी प्राप्त की है। नायब तहसीलदार ने सभी बच्चों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया और उन्हें कड़ी मेहनत कर अपने जीवन में लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा दी है।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

सरकारी स्कूलों की निगरानी व्यवस्था में हुआ है बड़ा प्रशासनिक बदलाव

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों की निगरानी व्यवस्था में एक बहुत बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। इस नई व्यवस्था के तहत सरकार ने इसकी कमान सीधे जिला प्रशासन को सौंप दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी मिलने के बाद अतिरिक्त उपायुक्त को प्रत्येक जिले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब इस नई व्यवस्था के तहत प्रशासन केवल एक समन्वयक की भूमिका में नहीं है, बल्कि वह सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं और बच्चों की सुरक्षा की सीधे निगरानी कर रहा है।

50 से अधिक बिंदुओं पर की गई है विद्यालय की जांच

नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने झांवरी स्थित वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 50 से अधिक सवालों और बिंदुओं की गहरी पड़ताल की है। इन सभी बिंदुओं में मिड-डे मील की गुणवत्ता, कच्चे राशन का रखरखाव, पेयजल व्यवस्था, पानी की टंकियों की सफाई, शौचालयों की स्थिति और परिसर की स्वच्छता शामिल हैं। इसके अलावा स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर, टैबलेट के उपयोग, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति, कक्षा संचालन, अनुशासन और भवन की समग्र स्थिति की भी जांच की गई है। इस जांच में कमरों की संख्या, चारदीवारी की स्थिति, बिजली कनेक्शन, पंखे, लाइट, भवन की मरम्मत, दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप की उपलब्धता और अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों की जांच भी शामिल रही है।

शौचालयों, प्रयोगशालाओं और खेलकूद व्यवस्था की भी हुई समीक्षा

अधिकारियों ने विद्यालय के रसोईघर, बर्तनों की स्वच्छता, बालक और बालिका शौचालयों की कुल संख्या तथा उनकी चालू हालत की स्थिति को परखा है। शौचालयों में पानी की उपलब्धता और उनकी सफाई की स्थिति के साथ दिव्यांग-अनुकूल शौचालय की भी जांच की गई है। इसके अलावा पेयजल स्रोत का प्रकार, पानी की गुणवत्ता, फर्नीचर, छात्र-अध्यापक संख्या, स्वीकृत पदों के मुकाबले कार्यरत अध्यापकों की संख्या और डेस्क की पर्याप्तता को देखा गया है। लाइब्रेरी, विज्ञान और कंप्यूटर प्रयोगशाला, शिक्षण सहायक सामग्री, अध्यापक डायरी, खेल मैदान, स्पोर्ट्स सामग्री और सांस्कृतिक गतिविधियों का पूरा विवरण भी इस जांच का हिस्सा रहा है।

स्कूल प्रांगण में पौधों की स्थिति पाई गई बेहद बेहतर

जांच के अंत में नायब तहसीलदार ने यह बताया कि स्कूल प्रांगण में पौधों की स्थिति बेहद सराहनीय और बेहतर पाई गई है। स्कूल स्टाफ द्वारा पर्यावरण का बहुत अधिक ख्याल रखा गया है। विद्यालय प्रांगण में इस समय 24 से अधिक 25 प्रजातियों के पौधे पूरी तरह से सुरक्षित मौजूद हैं। इस पूरी निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बलजीत सिंह, उर्मिला, मनेश, सुषमा, लक्ष्मी, विद्या, मंजीत सिंह, सरोज, राकेश और संपत सहित अन्य सभी स्कूल स्टाफ सदस्य पूरी तरह से उपस्थित रहे हैं।

Share:

Comments

Leave a comment