बच्चों की कल्पना में दिखता है विकसित भारत का भविष्य: सीएम नायब सिंह सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि बच्चों की कल्पना में जो विकसित भारत आकार लेता है, वही आने वाले समय में वास्तविक भारत के रूप में हमारे सामने आएगा। उन्होंने यह बात कुरुक्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीपला में आयोजित सेवा संकल्प अभियान एवं निपुण चित्रकला प्रदर्शनी कार्यक्रम के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को उचित मंच और प्रोत्साहन देकर उनमें रचनात्मकता, संस्कार, सेवा भावना तथा राष्ट्र निर्माण का भाव विकसित किया जा सकता है। यह कार्यक्रम गुरुवार को आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने किया सभागार का अनावरण और पौधरोपण
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘माधव सभागार’ एवं परम पूजनीय श्री गुरु जी के भित्ति चित्र का अनावरण किया तथा चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे जिनमें गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम मीणा, डॉ. ओम प्रकाश अरोड़ा, रत्न चंद सरदाना और डॉ. प्रीतम सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
कनीपला गांव और स्कूल के लिए की कई बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीपला में सोलर पैनल लगाने के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कनीपला गांव के विकास कार्यों के लिए 21 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत 17 से 21 सितंबर तक कक्षा तीसरी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया था और इन प्रतियोगिताओं में चयनित कृतियां जिला स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई हैं।
विद्यार्थियों की रचनात्मकता और स्वामी ज्ञानानंद महाराज के विचार
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में शामिल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चों के हाथों में रंग होते हैं, लेकिन उन रंगों को सपनों में बदलने का विश्वास परिवार और शिक्षक देते हैं। प्रदर्शनी में स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण, सेवा भावना और वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना जैसे विषयों को बच्चों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रस्तुत किया है। वहीं, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्री गुरु जी का भित्ति चित्र नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति, गीता, परंपराओं और जीवन मूल्यों की बातों को राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए क्योंकि ये हमारी संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़ी बातें हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे श्री गुरु जी जैसे महान व्यक्तित्वों को अपना आदर्श बनाकर समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करें तथा उनके जीवन से प्रेरणा लें और उन्होंने श्री रत्न चंद सरदाना जी की कृति ‘अपना माधव’ के लिए शुभकामनाएं दीं।