नायब सैनी ने केंद्र सरकार से एकीकृत प्राकृतिक खेती और जल सुरक्षा के लिए की विशेष पैकेज की मांग

नायब सैनी ने केंद्र सरकार से एकीकृत प्राकृतिक खेती और जल सुरक्षा के लिए की विशेष पैकेज की मांग

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में हिस्सा लिया। यह सम्मेलन विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा के लिए वित्तपोषण विषय पर आधारित था। मुख्यमंत्री ने इस सम्मेलन का आयोजन करने के लिए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 विजन को पूरा करने के लिए इस तरह के सम्मेलन बेहद जरूरी हैं।

इस विकसित भारत की यात्रा को पूरा करने में किसानों की भूमिका बहुत अहम है। कृषि प्रधान हरियाणा ने देश के अन्न भंडारों को भरने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हरियाणा ने देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में भी बड़ा योगदान किया है। बैठक के उपरांत मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में राज्यों व देश की अर्थव्यवस्था को और बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। साथ ही विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने को लेकर भी सार्थक चर्चा की गई।

प्राकृतिक और जैविक खेती का विस्तार

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में हरियाणा के लिए एकीकृत प्राकृतिक खेती और जल सुरक्षा फंडिंग पैकेज देने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि हरियाणा में वर्ष 2026-27 में प्राकृतिक व जैविक खेती का दायरा चार गुना बढ़ जाएगा। यह दायरा पिछले वर्ष से बढ़कर लगभग 50 हज़ार एकड़ तक पहुंच जाएगा। वर्ष 2030-31 तक इसे 1 लाख 50 हज़ार एकड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।

कुरुक्षेत्र और मोरनी में विशेष मॉडल

सरकार कुरुक्षेत्र में 2 हज़ार एकड़ का प्राकृतिक मॉडल कलस्टर विकसित कर रही है। मोरनी ब्लॉक को सरकार ने प्राकृतिक सब्जियों के क्षेत्र में मॉडल के तौर पर विकसित करने का निर्णय लिया है। इन सभी पहलों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से मांग की गई है। हरियाणा की विशेष परिस्थितियों व पहल के मद्देनजऱ एक एकीकृत प्राकृतिक खेती और जल सुरक्षा फंडिंग पैकेज देने का अनुरोध किया गया है।

जल सुरक्षा और विशेष समेकित वित्तीय पैकेज की मांग

इस पैकेज में भूजल रीचार्ज, वर्षा जल संचयन और सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के विस्तार के लिए पूंजीगत निवेश शामिल करने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ने बैठक में अनुरोध किया है कि केंद्र की विभिन्न योजनाओं के संसाधनों को जोड़ा जाए। इन संसाधनों को एक समन्वित वित्तीय ढांचे में जोड़ा जाए। इसके बाद हरियाणा के लिए एक केन्द्र-प्रायोजित विशेष समेकित वित्तीय पैकेज पर विचार किया जाए।

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