नशे से दूरी ही स्वस्थ जीवन की पहली सीढ़ी है : अशोक कुमार वर्मा

नूंह, 22 सितंबर। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) उजीना में नशे के विरुद्ध एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के निर्देश और मार्गदर्शन
यह महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित हुआ। इसके साथ ही यह कार्यक्रम उप पुलिस महानिरीक्षक एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त फरीदाबाद राजेंद्र कुमार मीना, आईपीएस के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने संस्थान में पहुंचकर विशेष रूप से शिरकत की। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने संस्थान में पहुंचकर सभी विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षकों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी।
गुलाब दिवस और नशामुक्ति अभियान का संदेश
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि गुलाब दिवस कैंसर से पीड़ित लोगों के प्रति आशा, संवेदना और जीवन के प्रति सकारात्मक सोच का संदेश देने का विशेष दिन है। गुलाब प्रेम और जीवन में आशा का एक प्रमुख प्रतीक माना जाता है। इसी सुंदर भावना को नशामुक्ति अभियान के साथ जोड़ते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से एक महत्वपूर्ण आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं हमेशा नशे से दूर रहें। इसके अलावा उन्होंने अपने मित्रों, परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी नशे से बचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।
सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की सलाह
डॉ. वर्मा ने कहा कि ऐसे समय में युवाओं को नशे से बिल्कुल दूर रहना चाहिए। युवाओं को खेल, योग, व्यायाम, अध्ययन, कौशल विकास और सामाजिक सेवा जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विशेष जानकारियां दी गईं। विद्यार्थियों को नशे की लत से बचने के विभिन्न उपायों के बारे में बताया गया। इसके साथ ही नशे के हानिकारक दुष्परिणामों तथा नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास संबंधी जानकारी भी विस्तार से प्रदान की गई।
युवाओं की ऊर्जा और राष्ट्र निर्माण
डॉ. वर्मा ने अंत में कहा कि युवाओं की अपार ऊर्जा हमारे देश की सबसे बड़ी और अहम शक्ति है। यदि देश का युवा अपनी इस ऊर्जा को शिक्षा, कौशल, खेल, सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे कार्यों में लगाए, तो पूरे समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।