एसडीएम के नेतृत्व में नरवाना में तीन नशा मुक्ति केंद्रों का औचक निरीक्षण

एसडीएम के नेतृत्व में नरवाना में तीन नशा मुक्ति केंद्रों का औचक निरीक्षण

एसडीएम जगदीश चंद्र के नेतृत्व में नरवाना क्षेत्र में संचालित तीन नशा मुक्ति केंद्रों का किया औचक निरीक्षण।

नरेंद्र जेठी /नरवाना /30 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

नशा मुक्ति केंद्रों में उपचाराधीन मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दिशा-निर्देशों और निगरानी में गठित संयुक्त निरीक्षण टीम ने एसडीएम नरवाना जगदीश चंद्र के नेतृत्व में नरवाना क्षेत्र में संचालित तीन नशा मुक्ति केंद्रों का देर सायं मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएसपी कमलदीप राणा भी साथ मौजूद रहे।

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  • एसडीएम नरवाना जगदीश चंद्र के नेतृत्व में की गई औचक कार्रवाई
  • क्षेत्र के तीन प्रमुख नशा मुक्ति केंद्रों का किया गया निरीक्षण
  • मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की जांच

किन केंद्रों का किया गया निरीक्षण

संयुक्त टीम ने नरवाना स्थित फ्यूचर नशा मुक्ति केंद्र, गढ़ी स्थित संजीवनी नशा मुक्ति केंद्र तथा धमतान साहिब स्थित अरदास मनोरोग एवं नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य केंद्रों में उपचाराधीन मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों, साफ-सफाई, भोजन, स्टाफ की उपलब्धता तथा सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों के पालन की स्थिति की जांच करना था।

एसडीएम ने दिए स्पष्ट निर्देश

एसडीएम जगदीश चंद्र ने निरीक्षण के दौरान केंद्र संचालकों और संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपचाराधीन मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशे की लत से बाहर निकलने के लिए उपचार करवा रहे मरीजों को बेहतर वातावरण, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं, उचित परामर्श और सम्मानजनक व्यवहार मिलना जरूरी है। केंद्र संचालक सभी निर्धारित नियमों और मानकों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करें।

रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं की जांच

एसडीएम ने केंद्रों में भर्ती मरीजों की संख्या और उनके रिकॉर्ड की जांच की। इसके साथ ही मरीजों की चिकित्सकीय फाइलों, दवाइयों के भंडारण एवं रखरखाव, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, स्टाफ की स्थिति, रसोई की साफ-सफाई, भोजन की व्यवस्था, आग से बचाव के उपकरणों तथा भवन की स्थिति का भी जायजा लिया गया।

मरीजों से सीधी बातचीत और फीडबैक

अधिकारियों ने उपचाराधीन मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और उपचार व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। टीम ने मरीजों से नशा मुक्ति उपचार, परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता, भोजन की गुणवत्ता तथा केंद्र में उपलब्ध अन्य सुविधाओं के बारे में भी फीडबैक लिया।

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र संचालकों को निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार और देखभाल से जुड़े सभी नियमों एवं निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। निर्धारित क्षमता से अधिक मरीज रखने, मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार करने अथवा आवश्यक योग्यता के बिना चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने जैसी किसी भी स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा।

प्रशासन की प्राथमिकता

एसडीएम जगदीश चंद्र ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की सुरक्षा, सम्मान और स्वास्थ्य प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी केंद्र में नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। आवश्यकता पडऩे पर केंद्र के लाइसेंस के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

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