नारनौल में खैरथल पार्षद ने बंधक बनाने का लगाया गंभीर आरोप, चुनाव में मतदान से रोकने का दावा

राजस्थान के अलवर जिले की खैरथल नगर परिषद के चेयरपर्सन चुनाव के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। खैरथल की एक महिला पार्षद ने नारनौल के पास बदमाशों द्वारा बंधक बनाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। खैरथल की निर्दलीय पार्षद जरीना ने इस संबंध में शुक्रवार को नारनौल शहर थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने अब इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने शुरू की मोबाइल डंप और सीसीटीवी की जांच
नारनौल थाना प्रभारी अनिल कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि खैरथल के पार्षद और अन्य लोग उनसे मिलने आए थे। पार्षद की ओर से जिन-जिन स्थानों की लोकेशन बताई जा रही है, पुलिस उन सभी स्थानों के मोबाइल डंप डेटा की जांच कर रही है। इसके अलावा उन इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी निकलवाकर पुलिस बारीकी से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
चंडीगढ़ से लौटते समय रास्ते में हुआ पीछा
पार्षद जरीना के अनुसार 20 सितंबर की रात को वह चंडीगढ़ से इनोवा कार में सवार होकर अपने घर खैरथल लौट रही थीं। रात के करीब आठ बजे जब वह नारनौल के पास पहुंचीं तो उन्हें रास्ते में कई बोलेरो गाड़ियां दिखाई दीं। इसके तुरंत बाद एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। उनका यह भी आरोप है कि नारनौल की एक गली में काली स्कॉर्पियो गाड़ी से उनकी कार का रास्ता रोकने का पूरा प्रयास किया गया था।
गाड़ियों से घेरकर मारपीट और बंधक बनाने का आरोप
जरीना किसी तरह अपनी कार को बाजार की तरफ निकालकर ले गईं लेकिन कुछ ही देर के बाद कई गाड़ियों ने उनकी कार को चारों तरफ से घेर लिया। उनका दावा है कि इस दौरान उनकी कार में मौजूद दो लोगों को जबरन बाहर खींचकर उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उन दोनों लोगों को बदमाशों ने अपनी दूसरी गाड़ी में बैठा लिया और सभी को एक सुनसान फार्म हाउस ले जाया गया। पार्षद का मुख्य आरोप है कि उन्हें नगर परिषद चुनाव और मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं बंधक बनाकर रखा गया था।
जीरो एफआईआर की मांग और पुलिस कार्रवाई
जरीना ने बताया कि यह सब कृत्य किसी खास प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने से रोकने की नीयत से किया गया था। इसके बाद बुधवार को वह मुंडावर विधायक ललित यादव और सभापति पद के प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा के साथ मिलकर खैरथल थाने पहुंची थीं। वहां मौजूद कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज करने की सख्त मांग की थी। चूंकि यह पूरी घटना नारनौल क्षेत्र के अंतर्गत आती थी, इसलिए बाद में जरीना ने नारनौल शहर थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। अब स्थानीय पुलिस मिले हुए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डंप के साक्ष्यों के आधार पर इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।