नारनौल में आवास फाइनेंस कंपनी से 9.34 लाख रुपये की धोखाधड़ी, दंपती और बैंक पर केस दर्ज

नारनौल में आवास फाइनेंस कंपनी से नौ लाख 34 हजार 714 रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में नारनौल शहर थाना पुलिस ने एक दंपती और एक बैंक शाखा के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह शिकायत आवास फाइनेंस लिमिटेड की नारनौल शाखा के मैनेजर नवल कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दी थी। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस प्रवक्ता ने बुधवार को इस मामले की जानकारी दी है। शिकायत के अनुसार गांव जाटवास निवासी गीतांजली और उसके पति चरण सिंह ने कंपनी से संपर्क किया था। उन्होंने बताया था कि उन्होंने इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड, नीमकाथाना से आवास ऋण लिया हुआ है। वे अपने पुराने ऋण को बैलेंस ट्रांसफर के माध्यम से आवास फाइनेंस कंपनी में स्थानांतरित करवाना चाहते थे। इसके बाद जनवरी 2025 में उनका लोन मंजूर कर दिया गया था।
शिकायत के मुताबिक 28 जनवरी 2025 को कंपनी ने नौ लाख 34 हजार 714 रुपये का लोन मंजूर किया था। कंपनी ने इसके बाद चेक इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड, नीमकाथाना के नाम जारी किया था। यह चेक दंपती को इस हिदायत के साथ दिया गया था कि वे इसे संबंधित फाइनेंस कंपनी में जमा कराएंगे। दंपती को पुराने ऋण का भुगतान करके वहां गिरवी रखे दस्तावेज वापस लेने थे। इसके बाद उन दस्तावेजों को आवास फाइनेंस कंपनी में जमा कराना अनिवार्य था।
आरोप है कि दंपती ने वह चेक संबंधित कंपनी में जमा नहीं कराया था। दंपती ने पुराने ऋण से जुड़े दस्तावेज भी कंपनी में जमा नहीं करवाए। बाद में जब कंपनी ने उनसे संपर्क किया तो इंडिया शेल्टर फाइनेंस ने बताया कि उनके पास ऐसा कोई चेक पहुंचा ही नहीं है। जांच में यह सामने आया कि वह चेक नारनौल स्थित इंडसइंड बैंक में क्लियर हुआ है। वह चेक कथित तौर पर इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन के नाम से खोले गए खाते में क्लियर हुआ था।
आवास फाइनेंस कंपनी ने बैंक पर उचित सत्यापन नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया है। कंपनी ने बैंक पर मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।