नारनौल में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान: वार्ड को नशामुक्त बनाने का लिया संकल्प, पुलिस करेगी पूरा सहयोग

नारनौल में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू हो गया है। दो दिन पहले सिटी थाना में हंगामा करने वाले मोहल्ला बड़ा बाग के लोगों ने अब अपने वार्ड को नशामुक्त बनाने का फैसला किया है। क्षेत्रवासियों ने इसके लिए एक सामूहिक अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
मोहल्ला बड़ा बाग के लोगों की बैठक
शुक्रवार शाम को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता गौशाला के पूर्व प्रधान सुरेश यादव ने की। इस दौरान पूर्व पार्षद राम सिंह सैनी सहित वार्ड के अनेक लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।
नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक का संकल्प
क्षेत्रवासियों ने बैठक के दौरान अवैध रूप से शराब, चिट्टा, भुक्की, अफीम और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की बात कही। सभी लोगों ने मिलकर इसके लिए प्रयास करने का कड़ा संकल्प लिया। बैठक में कहा गया कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन को रोकने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।
संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और लोगों को जागरुक करना
लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ अब संदिग्ध गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। जो लोग किसी भी प्रकार के नशे का सेवन कर रहे हैं, उन्हें प्यार से समझाकर नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। नशे की लत से बाहर निकलने के इच्छुक लोगों की हरसंभव मदद करने पर भी सहमति बनी है, ताकि वे लोग दोबारा अपने सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
सिटी थाना पुलिस का मिला पूरा आश्वासन
बैठक के दौरान सिटी थाना पुलिस की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी ने क्षेत्रवासियों को पूरा आश्वासन दिया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस की ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा। लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाने की बात कही है।
वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए होगी जानकारी साझा
वार्ड के लोगों ने आपसी संवाद के लिए एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाने का निर्णय भी लिया है। इस ग्रुप के माध्यम से क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी आपस में साझा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर इसी ग्रुप के जरिए तुरंत पुलिस को भी सूचना दी जाएगी। क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति को परेशान करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि केवल नशे के कारोबार पर रोक लगाकर युवाओं को एक सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।