नारनौल में कम बारिश से बाजरे की फसल प्रभावित, किसानों ने की मुआवजे की मांग

क्षेत्र में विशेष सर्वे और गिरदावरी करवाने की मांग की गई है। किसानों ने 15 हजार रुपये प्रति एकड़ राहत देने की अपील की है। नारनौल जिले में इस बार कम बारिश के कारण बाजरे की फसल प्रभावित हुई है। किसानों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
नांगल चौधरी क्षेत्र में नुकसान का दावा
नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश गांवों में बाजरे की फसल को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। नहरी पानी किसान संघर्ष समिति ने सरकार से यह मांग की है। समिति ने प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग उठाई है।
किसानों को उठाना पड़ रहा है नुकसान
नहरी पानी किसान संघर्ष समिति के प्रधान महावीर इस्लामपुरा ने शनिवार को बयान दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। इस कारण बाजरे की फसल की बढ़वार प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ा है। क्षेत्र के कई गांवों में बाजरे की फसल खराब हो चुकी है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लागत और मेहनत पर पड़ा असर
किसानों ने अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाई हुई थी। उन्होंने फसल की बुआई से लेकर खाद और बीज पर खर्च किया था। इसके अलावा अन्य कृषि कार्यों पर भी पैसा खर्च किया गया था। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण फसल अपेक्षित रूप से विकसित नहीं हो सकी। इससे किसानों की मेहनत और लागत पर सीधा असर पड़ा है।
विशेष सर्वे और गिरदावरी की मांग
महावीर इस्लामपुरा ने सरकार से एक विशेष मांग की है। उन्होंने नांगल चौधरी क्षेत्र में बाजरे की फसल का विशेष सर्वे करवाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सर्वे के माध्यम से गांव-वार फसल नुकसान का आकलन किया जाए। इससे वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों की पहचान हो सकेगी।
15 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की अपील
सरकार से जल्द गिरदावरी करवाने की मांग की गई है। पात्र किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा जारी किया जाए। कम बारिश के कारण हुए आर्थिक नुकसान से किसानों को राहत मिल सकेगी। समिति ने सरकार से फसल नुकसान का जल्द आकलन करने को कहा है। प्रभावित किसानों के हित में जल्द राहत देने की मांग की गई है।