नारनौल के आंगनवाड़ी केंद्रों में गूंजा संदेश: फास्ट फूड से बनाओ दूरी, मोटे अनाज और हरी सब्जी है जरूरी

नारनौल के आंगनवाड़ी केंद्रों में गूंजा संदेश: फास्ट फूड से बनाओ दूरी, मोटे अनाज और हरी सब्जी है जरूरी

नारनौल में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत मंगलवार को विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिलाओं ने इस दौरान ‘सही पोषण, देश रोशन’ का संकल्प लिया। वार्ड नंबर-5 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पोषण अभियान की ब्लॉक कॉर्डिनेटर प्रिया ने महिलाओं, गर्भवती माताओं और धात्री माताओं को जागरूक किया। उन्होंने सभी को कुपोषण से बचाव करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

ब्लॉक कॉर्डिनेटर प्रिया ने बताया कि बच्चों और परिवार के बेहतर स्वास्थ्य के लिए घर का बना पौष्टिक भोजन बहुत जरूरी है। यह पौष्टिक भोजन हमारे दैनिक आहार का मुख्य हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को शपथ दिलाई कि वे बच्चों को चाउमीन, बर्गर, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक और अन्य सभी प्रकार के फास्ट फूड से दूर रखें। उन्होंने समझाया कि लगातार प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बच्चों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे भविष्य में बच्चों में मोटापा और अन्य कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है.

पोषण थाली में मोटे अनाज और हरी सब्जियों का महत्व

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प्रिया ने पोषण थाली में मोटे अनाज को शामिल करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ज्वार, बाजरा और रागी जैसे अनाज पोषक तत्वों से पूरी तरह भरपूर होते हैं। रागी शरीर के लिए कैल्शियम का एक बहुत अच्छा स्रोत है। इसके अलावा बाजरा और ज्वार सहित अन्य विविध पोषक खाद्य पदार्थ एक संतुलित आहार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से शरीर को आवश्यक विटामिन, खनिज और फाइबर प्राप्त होते हैं। इन सभी पोषक तत्वों से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में बहुत मदद मिलती है।

पौष्टिक व्यंजन बनाने के तरीके और कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को कई प्रकार के पौष्टिक व्यंजन तैयार करने के बहुत ही आसान तरीके बताए गए। इन व्यंजनों में बाजरे के लड्डू, मिक्स वेज दलिया और हरी सब्जियों का सूप शामिल थे। कार्यक्रम के बिल्कुल अंत में सभी महिलाओं ने मिलकर ‘सही पोषण, देश रोशन’ का दृढ़ संकल्प लिया। महिलाओं ने यह भी बात कही कि वे अपने परिवार में हमेशा घर के बना हुआ शुद्ध और पौष्टिक भोजन को ही सबसे ज्यादा प्राथमिकता देंगी।

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