फसल पंजीकरण से वंचित किसानों को बड़ी राहत, फिर खुलेगा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल

फसल पंजीकरण से वंचित किसानों को बड़ी राहत, फिर खुलेगा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल

खरीफ-2026 के दौरान मेरी फसल मेरा ब्यौरा (एमएफएमबी) पोर्टल पर फसल का पंजीकरण नहीं करा पाने वाले किसानों को नायब सरकार ने बड़ी राहत दी है। ऐसे पंजीकरण न कराने वाले किसानों की अब फसल खरीद नहीं अटकेगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 21 सितंबर सोमवार को पोर्टल खोला जाएगा। किसान एमएफएमबी पोर्टल पर 21 सितंबर से 27 सितंबर तक फसल का पंजीकरण करा सकेंगे। हालांकि, यह सुविधा उन किसानों को मिलेगी, जो निर्धारित अंतिम तिथि 31 जुलाई तक अपनी फसल का पंजीकरण नहीं करा सके थे, जिन्हें खरीद प्रक्रिया से वंचित होने का डर सता रहा था।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक की ओर से प्रदेश के सभी उपायुक्तों और उप निदेशक कृषि को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया में किसी तरह की देरी अथवा किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। निदेशक की ओर से हिदायत दी गई है कि किसी भी परेशानी से बचने के लिए उपायुक्त सत्यापन और आंकड़े अपलोड करने की प्रक्रिया की रोजाना निगरानी रखेंगे। विभाग ने अधिकारियों को दावों का सही और समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, वंचित किसान संबंधित उपमंडल अधिकारी (नागरिक) यानी एसडीओ (सी) के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत करेंगे। आवेदन में किसान को अपनी भूमि से संबंधित पूरा विवरण देना होगा। इसमें खेवट और खसरा नंबर तथा खेती के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रफल का स्पष्ट उल्लेख करना होगा। इसके बाद संबंधित एसडीओ (सी) निर्धारित लॉगिन के माध्यम से आवेदन का विवरण एमएफएमबी पोर्टल पर दर्ज करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी आवश्यक विवरण सही तरीके से दर्ज हो जाएं।

फसल सत्यापन और समय सीमा

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विभाग ने किसानों के दावों के सत्यापन के लिए समय सीमा भी निर्धारित की है। संबंधित एसडीओ ऐसे आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिकतम तीन दिन के भीतर दावे का सत्यापन करवाएंगे। यह सत्यापन संबंधित सर्कल राजस्व अधिकारी (सीआरओ) लॉगिन के माध्यम से तहसीलदार या नायब तहसीलदार द्वारा एमएफएमबी की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार किया जाएगा। विशेष रूप से क्षेत्रफल में अंतर या विसंगति वाले मामलों का भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन किया जाएगा। दावे का सत्यापन सफल होने के बाद किसान की अनुमानित उत्पादन संबंधी जानकारी तैयार कर ई-खरीद पोर्टल पर साझा की जाएगी, ताकि पात्र किसानों को खरीद व्यवस्था में शामिल किया जा सके और वे अपनी उपज बेच सकें。

दोबारा पंजीकरण और नियम

खरीफ-2026 में जिस भूमि या फसल क्षेत्र का पहले ही पंजीकरण हो चुका है, उसका दोबारा पंजीकरण नहीं किया जाएगा। यदि किसी भूमि या फसल क्षेत्र पर पहले ही किसी अन्य किसान ने दावा किया हुआ है तो उस भूमि को इस प्रावधान के तहत दोबारा पंजीकरण के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में किसान निर्धारित किसान लॉगिन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। दोबारा पंजीकरण की सुविधा के साथ कुछ शर्तें भी लागू रहेंगी। इसके अलावा, फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) ढांचे के तहत ब्लॉक किए गए किसान या भूमि के टुकड़े इस छूट के तहत पात्र नहीं होंगे। सरकारी भूमि और पंचायत भूमि का पंजीकरण भी एमएफएमबी की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार ही किया जाएगा। खरीफ-2026 में एमएफएमबी पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करा पाने वाले किसान अब सीधे पोर्टल पर आवेदन करने के बजाय संबंधित एसडीओ को लिखित आवेदन देंगे। आवेदन में किसान को अपनी जमीन के खेवट और खसरा नंबर के साथ खेती के तहत आने वाला क्षेत्रफल बताना होगा। एसडीओ निर्धारित लॉगिन से आवेदन को एमएफएमबी पोर्टल पर दर्ज करेंगे। इसके बाद राजस्व अधिकारियों के माध्यम से दावे का सत्यापन कराया जाएगा। विभाग ने पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध रखने के लिए सत्यापन के लिए अधिकतम तीन दिन की अवधि निर्धारित की है।

अंतिम चरण और निगरानी

पंजीकरण के बाद सबसे अहम चरण दावे का सत्यापन होगा। संबंधित एसडीओ (सी) की निगरानी में सीआरओ लॉगिन के माध्यम से तहसीलदार या नायब तहसीलदार दावे की जांच करेंगे। सत्यापन सफल होने के बाद किसान के अनुमानित उत्पादन का विवरण तैयार कर ई-खरीद पोर्टल पर साझा किया जाएगा। इसका उद्देश्य पात्र किसानों को खरीद व्यवस्था से जोड़ना और उन्हें अपनी उपज बेचने की सुविधा उपलब्ध कराना है। उपायुक्तों को सत्यापन तथा आंकड़े अपलोड करने की प्रक्रिया की रोजाना निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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