मीनाक्षी चौधरी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षुओं ने मनाया स्वच्छता पखवाड़ा, लोगों को किया जागरूक

मीनाक्षी चौधरी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षुओं ने मनाया "स्वच्छता पखवाड़ा " साथ ही उन्होंने स्वच्छता के प्रति किया सभी को जागरूक
लुधियाना /01 अक्तूबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स /राजेश सलूजा
पंजाब के लुधियाना में भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा चलाए गए स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह आयोजन 14 सितंबर से 2 अक्टूबर तक किया गया। अभियान के दौरान प्रशिक्षुओं को विभिन्न कौशल सिखाने के साथ-साथ स्वच्छता एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया।
सड़क की सफाई और दिव्यांग जनों के लिए प्रतियोगिता
अभियान के तहत इंस्ट्रक्टर ममता फ़ार्ले एवं मीनाक्षी चौधरी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षुओं ने सड़क की सफाई की। प्रशिक्षुओं ने आसपास बिखरे कचरे को हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अभियान के दौरान दिव्यांग जनों के लिये भी प्रतियोगिता करवाई गई। प्रशिक्षुओं ने स्वयं सफाई में भाग लेते हुए लोगों को भी अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
अभियान में शामिल गणमान्य लोग और ट्रेनी
इस अभियान में एनसीएससी की तरफ से गोपाल कृष्ण, धीरज श्रीवास्तव, सी वी जोशी, मुकेश कुमार और कुलबीर कौर ने भाग लिया। इसके अलावा एटीआई के ट्रेनी विवेक, गुरप्रीत, हिमांशु, अभिषेक, गरिमा, सिया जैन, प्रितपाल, हरप्रीत एवं संजू ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान के दौरान बच्चों को व्यावहारिक कौशल के साथ स्वच्छता, अनुशासन, श्रम की गरिमा और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व भी समझाया गया।

मीनाक्षी चौधरी का संदेश
मीनाक्षी चौधरी ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा है केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों में कौशल विकास के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी जरूरी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षुओं का आह्वान किया कि वे स्वयं स्वच्छता अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें। सड़क की सफाई कर प्रशिक्षुओं ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अभियान का निष्कर्ष
अभियान के दौरान प्रशिक्षुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कौशल सीखने के साथ स्वच्छता का संदेश देने वाली इन गतिविधियों ने प्रशिक्षण को सामाजिक सरोकार से जोड़ने का कार्य किया।