मथुरा में केएम मेडिकल कॉलेज के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, छाता शुगर मिल आंदोलन और अन्य प्रमुख खबरें

केएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ग्रामीण अंचलों के मरीजों का मसीहा बन गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं केएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के चेयरमैन किशन चौधरी की पहल पर पांचों विधानसभाओं में रोज़ तीन गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। अब तक 175 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण इन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। शिविर में वरिष्ठ डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाएं वितरित कीं।
छाता शुगर मिल आंदोलन
छाता में शुगर मिल को चालू कराये जाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब नए मोड पर पहुंच गया है। पुलिस ने सोमवार को अंधेरे में कार्यवाही करते हुए धरना स्थल को खाली करा लिया। आंदोलन की अगुआई कर रहे चार नामजदों को एफआईआर में नामजद होने पर पुलिस धरना स्थल से उठाकर थाने ले गई। प्रशासन ने तड़के सुबह करीब 4 बजे भारी पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की मदद से धरना स्थल खाली करा दिया। छाता थाने में किसानों और प्रमुख नेताओं पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हुआ है। पुलिस कार्रवाई को लेकर जबरदस्त आक्रोश है, जहां एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान दोबारा जुट गए हैं।
पहली एफआईआर दर्ज
पिछले करीब 40 दिन से छाता शुगर को चालू कराने जाने को लेकर चल रहे आंदोलन में पहली एफआईआर दर्ज हुई है। एफआईआर में एक महिला सहित कुल चार लोगों को नाम दर्ज किया गया है जबकि 100 से 150 को अज्ञात में शामिल किया गया है। रिटायर्ड सूबेदार ललित तालान, पूर्व प्रधान कोटवन जबर सिंह, दिगम्बर चौधरी, नुन्ना देवी सहित 100 से 150 अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है।
व्यापार मंडल की मुलाकात
नगर आयुक्त ओजस्वी राज के साथ नगर निगम सभागार में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने नगर आयुक्त को महानगर की समस्याओं से अवगत कराया और 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। जिसमें सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे सड़कों के निर्माण कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताई गई तथा महानगर की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
जोधपुर झाल में जलीय जीवों का अध्ययन
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और वन विभाग द्वारा विकसित जोधपुर झाल पर वेटलैंड व मत्स्य विज्ञान के विशेषज्ञों द्वारा वेटलैंड की पारिस्थितिक स्थिति का आंकलन किया जा रहा है। प्रवासी मौसम में पक्षियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अध्ययन किया जा रहा है। यहाँ पर साल भर पांच हजार तक जलीय पक्षियों का जमघट लगता है और इस बार सितंबर में ही समय से पहले प्रवासी पक्षी पहुँचने लगे हैं।