हिसार: राष्ट्रीय पशु चिकित्सा प्रसार सम्मेलन में लुवास के वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने लहराया परचम

हिसार में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के संकाय सदस्यों और शोधार्थियों ने उदयपुर में आयोजित 11वें राष्ट्रीय पशु चिकित्सा प्रसार सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार हासिल करते हुए मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए हैं।
कुलपति से की मुलाकात
उपलब्धियां हासिल करने वाले संकाय सदस्यों और शोधार्थियों ने कुलपति सचिवालय में पहुंचकर कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा से मुलाकात की। उन्होंने कुलपति को अपनी इन सभी महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी दी। कुलपति ने सभी को बधाई दी और कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर लुवास के संकाय सदस्यों और शोधार्थियों की ये उपलब्धियां विश्वविद्यालय के लिए बड़े गौरव का विषय हैं। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण शोध एवं प्रसार कार्य जारी रखने के लिए सभी को अपनी शुभकामनाएं दीं।
सम्मेलन का आयोजन
इस सम्मेलन का आयोजन हाल ही में पशु चिकित्सा एवं पशुपालन प्रसार शिक्षा विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, नवानिया, उदयपुर की तरफ से किया गया था। यह आयोजन सोसायटी फॉर वेटरिनरी एक्सटेंशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ था।
मौखिक प्रस्तुतियों में पुरस्कार
लुवास की सहायक प्रोफेसर डॉ. रचना ने ‘आजीविका से पशुधन व्यवसाय तक : हरियाणा में डेयरी मूल्य श्रृंखला एवं महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण’ विषय पर मौखिक प्रस्तुति दी। उन्होंने इसमें प्रथम स्थान हासिल करते हुए सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति का पुरस्कार प्राप्त किया। उन्होंने डेयरी मूल्य श्रृंखला, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और पशुधन आधारित आजीविका को स्थायी व्यवसायिक अवसरों में बदलने की संभावनाओं को सबके सामने प्रस्तुत किया। सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिका मलिक ने ‘वर्तमान एकीकृत फसल-पशुधन उत्पादन प्रणाली में बाधाएं : पशुधन प्रसार को नई दिशा देने की आवश्यकता’ विषय पर अपनी मौखिक प्रस्तुति दी और इसमें द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
पोस्टर प्रस्तुतियों में सफलता
शोधार्थियों ने भी इस सम्मेलन में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पीएच.डी. शोधार्थी डॉ. वर्षा ने ‘ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पशुपालकों और पालतू पशु मालिकों की पशुचिकित्सा दूरचिकित्सा के प्रति बदलती प्राथमिकताओं का अध्ययन’ विषय पर पोस्टर प्रस्तुति दी और इसमें प्रथम स्थान प्राप्त किया। एम.वी.एससी. शोधार्थी बेशज कुमार और डॉ. परीक्षित यादव ने पोस्टर प्रस्तुति में तीसरा स्थान यानी तृतीय स्थान हासिल किया। बेशज कुमार ने ‘वन हेल्थ दृष्टिकोण के माध्यम से हरियाणा में कुक्कुट कल्याण को सुदृढ़ करना : नीतिगत कमियां एवं रणनीतिक दिशा’ विषय पर शोध प्रस्तुत किया। डॉ. परीक्षित यादव ने ‘पशुओं से संबंधित नैतिक मुद्दों के प्रति उपभोक्ताओं के मूल्यों एवं दृष्टिकोण का अध्ययन’ विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया।
प्रतिवेदक की जिम्मेदारी और राष्ट्रीय पहचान
सम्मेलन के दौरान डॉ. अनिका मलिक एवं डॉ. सरिता ने पोस्टर प्रस्तुति सत्र में अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा डॉ. रचना ने मौखिक प्रस्तुति सत्र में प्रतिवेदक की जिम्मेदारी भी बहुत अच्छे से निभाई। इन सभी बड़ी उपलब्धियों के कारण लुवास के पशुधन विकास, पशु कल्याण, प्रसार शिक्षा, नवाचार और पशुधन क्षेत्र की उभरती हुई चुनौतियों के समाधान से जुड़े शोध कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली है।