लोक सेवा मंच ने उठाई जोरदार आवाज, बाजरा को तुरंत एमएसपी रेट पर खरीदे जाने की मांग

बाजरा को तुरंत एमएसपी रेट पर खरीदे जाने सहित अन्य जनहितकारी मांगों को लेकर लोक सेवा मंच ने उठाई जोरदार आवाज
लोक सेवा मंच ने समीक्षा बैठक में किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया
रेवाड़ी/मनोज गोयल /23 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
बाजरा को तुरंत एमएसपी रेट पर खरीदे जाने सहित अन्य जनहितकारी मांगों को लेकर लोक सेवा मंच ने जोरदार आवाज उठाई है। लोक सेवा मंच ने समीक्षा बैठक में किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया है।
रेवाड़ी में बाजरा को सरकार द्वारा घोषित एमएसपी रेट पर खरीदे जाने सहित अन्य जनहितकारी मांगों को लेकर राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच ने जोरदार आवाज बुलंद की है। मंच की समीक्षा बैठक में किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत जनहित में आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि स्थानीय अनाज मंडी में बाजरा के लगभग 2200 कट्टे प्रतिदिन की आवक शुरू हो चुकी है। इस सिलसिले में जनहित में जारी मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत मंच के पदाधिकारियों ने अनेक किसानों से मुलाकातें कीं और उनका कुशलक्षेम पूछा तथा ज्वलंत समस्याओं को लेकर चर्चा की।
किसानों ने बताया कि उनकी खरीफ फसल बाजरा को 2000 से 2150 रुपए के आसपास बोली लगाकर खरीदा जा रहा है जबकि सरकार द्वारा घोषित बाजरा का एमएसपी रेट ₹2900 प्रति क्विंटल है। किसानों ने अनुरोध किया कि सरकार की ओर से उन्हें अपना उत्पादन बढ़ाने और उसे सही दामों पर बेचने के अधिकारों को पूरा संरक्षण दिया जाना चाहिए।
समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि बाजरा की प्रदेश सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपए प्रति क्विंटल से कम रेट पर खरीद न्याय हित में हरगिज नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कथित तौर पर एमएसपी से नीचे की जा रही बाजरा की खरीद नियमों के विरुद्ध किसानों के साथ सरासर अन्याय, आर्थिक शोषण एवं धोखाधड़ी की तरह है। किसानों ने कहा है कि बाजरा घोषित एमएसपी रेट ₹2900 प्रति क्विंटल से नीचे नहीं खरीदा जाना चाहिए।
अनेक किसानों ने बताया कि मंडी में जनसुविधाओं का भारी कमी है। लोक सेवा मंच ने मंडी में आनेवाले किसानों को खान-पान, शौचालय, पेयजल जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। मंच की कोर कमेटी ने सुझाव दिया है कि नियमों की निगरानी के लिए प्रदेशभर की अनाज मंडियों में सरकार द्वारा सिविल सोसायटी के ईमानदार लोगों, कृषि एवं मार्केटिंग बोर्ड के उच्च अधिकारियों तथा विजिलेंस की टीमों की तुरन्त तैनाती की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है। समीक्षा बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच सहित कोर कमेटी के सदस्यों महेश कौशिक, बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, दयाराम आर्य, नंदलाल यादव, राजीव कुमार ने अपने विचार रखें तथा सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया कि समाधान होने तक मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत किसानों के हितों की जोरदार आवाज बुलंद करने की जाएगी。