लोक सेवा मंच ने उठाई बाजरा की एमएसपी पर खरीद की मांग, रेवाड़ी में किसानों की समस्याओं पर हुई बैठक

अनाज मंडी में बाजरा को सरकार द्वारा घोषित एमएसपी रेट पर खरीदे जाने सहित अन्य जनहितकारी मांगों को लेकर राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच ने जोरदार आवाज बुलंद की है। मंच की समीक्षा बैठक में किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत जनहित में आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया गया है। लोक सेवा मंच ने किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक अपनी आवाज लगातार उठाने का पक्का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि स्थानीय अनाज मंडी में बाजरा के लगभग 2200 कट्टे प्रतिदिन की आवक शुरू हो चुकी है। इस सिलसिले में जनहित में जारी मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत मंच के पदाधिकारियों ने अनेक किसानों से मुलाकातें कीं। पदाधिकारियों ने किसानों का कुशलक्षेम पूछा तथा ज्वलंत समस्याओं को लेकर उनके साथ विशेष चर्चा की। मंडी में रोजाना बाजरा के 2200 कट्टे आ रहे हैं और मंच के लोगों ने किसानों से मिलकर उनका हालचाल जाना है।
की गई चर्चा के दौरान किसानों ने बताया कि उनकी खरीफ फसल बाजरा को 2000 से 2150 रुपए के आसपास बोली लगाकर खरीदा जा रहा है। जबकि सरकार द्वारा घोषित बाजरा का एमएसपी रेट ₹2900 प्रति क्विंटल तय किया गया है। किसानों ने यह भी अनुरोध किया कि सरकार की ओर से उन्हें अपना उत्पादन बढ़ाने और उसे सही दामों पर बेचने के अधिकारों का पूरा संरक्षण दिया जाना चाहिए। किसान बहुत कम दामों पर फसल बेचने को मजबूर हैं जबकि सरकारी एमएसपी 2900 रुपए प्रति क्विंटल है।
समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बाजरा की प्रदेश सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपए प्रति क्विंटल से कम रेट पर खरीद न्याय हित में हरगिज नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कथित तौर पर एमएसपी से नीचे की जा रही बाजरा की खरीद नियमों के विरुद्ध किसानों के साथ सरासर अन्याय, आर्थिक शोषण एवं धोखाधड़ी की तरह है। किसानों ने दोटूक कहा है कि बाजरा घोषित एमएसपी रेट ₹2900 प्रति क्विंटल से नीचे नहीं खरीदा जाना चाहिए। अशोक प्रधान ने साफ कहा कि एमएसपी से कम पर बाजरा खरीदना किसानों के साथ सरासर अन्याय और आर्थिक शोषण है।
बैठक में अनेक किसानों ने यह भी बताया कि मंडी में जनसुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है। लोक सेवा मंच ने मंडी में आनेवाले किसानों को खान-पान, शौचालय, पेयजल जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराने का कड़ा आग्रह किया है। मंच की कोर कमेटी ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। सुझाव के अनुसार नियमों की निगरानी के लिए प्रदेशभर की अनाज मंडियों में सरकार द्वारा सिविल सोसायटी के ईमानदार लोगों, कृषि एवं मार्केटिंग बोर्ड के उच्च अधिकारियों तथा विजिलेंस की टीमों की तुरन्त तैनाती की जानी चाहिए। इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा जा चुका है। मंडी में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है और निगरानी के लिए तुरंत विशेष टीमों की तैनाती की मांग की गई है।
इस आवश्यक समीक्षा बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच सहित कोर कमेटी के सभी सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में महेश कौशिक, बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, दयाराम आर्य, नंदलाल यादव और राजीव कुमार ने अपने-अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। सभी सदस्यों ने विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में यह तय किया गया कि समस्याओं का समाधान होने तक मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत किसानों के हितों की जोरदार आवाज बुलंद करने का काम लगातार जारी रखा जाएगा। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुआ कि किसानों के हितों की आवाज समाधान मिलने तक पूरी ताकत से उठाई जाएगी।