लोक सेवा मंच ने की मांग, किसानों के बाजरा की खरीद भावांतर की बजाय एमएसपी पर हो तुरंत शुरू

बाजरा की खरीद भावांतर योजना की बजाय एमएसपी पर तुरंत शुरू करने की उठी जोरदार मांग
किसानों के मसले पर सरकार को दिखानी चाहिए पूर्ण सहानुभूति : अशोक प्रधान लोक सेवा मंच
रेवाड़ी /25 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने किसानों के साथ मुलाकातों के दौरान सरकार से एक बड़ी मांग उठाई है। किसानों के बाजरा की खरीद भावांतर योजना की बजाय एमएसपी पर तुरंत शुरू किए जाने की जोरदार मांग बुलंद की गई है। इस सिलसिले में मंच ने प्रदेश के कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री से किसानों की इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया है।
राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने किसानों से मुलाकातों के बाद अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछली बार भावांतर योजना के तहत बाजरा की हुई खरीद को लेकर अनेक किसानों का अनुभव अच्छा नहीं रहा था। किसानों ने जानकारी दी कि पिछली बार भावांतर योजना के तहत बाजरा की बिक्री से उन्हें एमएसपी के बराबर रेट नहीं मिल पाया था। इसके अलावा, भावांतर की धनराशि भी उनके खातों में काफी देरी से पहुंची थी।
भावांतर का पैसा देरी से मिलने के कारण किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। किसानों को रबी की फसलों की बिजाई तथा अन्य घरेलू खर्चों का प्रबंध करने के लिए पर्याप्त धन जुटाने में भारी परेशानी आई थी। किसानों की पुरजोर मांग है कि इस बार उनके बाजरा की खरीद भावांतर योजना की बजाय एमएसपी पर तुरंत शुरू की जानी चाहिए। साथ ही, बिक्री की धनराशि का भुगतान भी तत्काल सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से उन्हें रबी फसलों के लिए जुताई और बिजाई करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा घरेलू व त्योहारी खर्चों का इंतजाम करने में भी बड़ी सहायता मिल सकेगी। सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान ने कहा कि एक जनकल्याणकारी राज्य में किसानों को उनकी फसलों के पूरे दाम मिलने चाहिए। साथ ही किसानों को उत्पादन बढ़ाने में पूरा सहयोग प्रदान किया जाना चाहिए।
सरकार को जनहित में किसानों को सस्ते दरों पर अच्छी क्वालिटी के बीजों की आपूर्ति करनी चाहिए। इसके साथ ही डीएपी खाद की भरपूर मात्रा में आपूर्ति भी पूरी तरह से सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित देश और प्रदेश में यदि किसान दुखी रहेगा, तो राष्ट्र और समाज कभी भी सुखी नहीं रह सकता है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि किसानों के प्रति पूरी संवेदनशीलता दिखाई जाए।
किसानों की समस्याओं का समाधान करने में सरकार को पूर्ण सहयोग प्रदान करना चाहिए। इस पूरी चर्चा और मुलाकातों के दौरान कोर कमेटी के कई सदस्य भी साथ रहे। इन सदस्यों में महेश कौशिक, बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, नंदलाल यादव और जगमोहन यदुवंशी प्रमुख रूप से शामिल रहे।