गुरुग्राम में ललिता त्रिपुर सुंदरी अनुष्ठान संपन्न, राष्ट्रविरोधी शक्तियों के उन्मूलन का संकल्प

गुरुग्राम में ललिता त्रिपुर सुंदरी अनुष्ठान संपन्न, राष्ट्रविरोधी शक्तियों के उन्मूलन का संकल्प

वर्तमान में समाज और राष्ट्र के समक्ष विभिन्न प्रकार की चुनौतियां - जगद्गुरु स्वामी नरेंद्रानंद

समाज में सद्भाव, संस्कार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत करें 

अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए

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अनुष्ठान का पवित्र उद्देश्य राष्ट्रविरोधी एवं विघटनकारी शक्तियों का उन्मूलन

ललिता त्रिपुर सुंदरी के अनुष्ठान में राष्ट्रविरोधी शक्तियों के उन्मूलन का संकल्प

फतह सिंह उजाला /गुरुग्राम /20 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

गुरुग्राम के पंचकोशी मार्ग स्थित आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में सहस्र चंडी महायज्ञ के समापन दिवस से पूर्व ललिता त्रिपुर सुंदरी का विशेष भाव अनुष्ठान एवं पूजन-अर्चन विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में आयोजित इस विशेष अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए तथा यज्ञकुंड में विशेष आहुतियां समर्पित की गईं। यह जानकारी आयोजक मंडल के प्रवक्ता के द्वारा मीडिया को दी गई।

इस अवसर पर काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सनातन परंपरा में शक्ति की आराधना केवल व्यक्तिगत आध्यात्मिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि लोककल्याण, धर्म की रक्षा और समाज में सकारात्मक ऊर्जा के संचार का भी माध्यम है। मां ललिता त्रिपुर सुंदरी की उपासना के माध्यम से साधक शक्ति, ज्ञान और विवेक की प्राप्ति की कामना करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज और राष्ट्र के समक्ष विभिन्न प्रकार की चुनौतियां हैं। ऐसे में धार्मिक अनुष्ठानों का उद्देश्य समाज में सद्भाव, संस्कार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। अनुष्ठान में राष्ट्रविरोधी एवं विघटनकारी शक्तियों के उन्मूलन तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए विशेष आहुतियां समर्पित की गईं।

अनुष्ठान के दौरान साधकों एवं श्रद्धालुओं ने मां ललिता त्रिपुर सुंदरी की आराधना कर राष्ट्र, समाज और समस्त मानवता के कल्याण की कामना की। वैदिक विद्वानों एवं आचार्यों द्वारा निर्धारित विधि के अनुसार पूजन, मंत्रजाप और हवन संपन्न हुआ। वातावरण में गूंज रहे वैदिक मंत्रों और देवी स्तुति से पूरा महासंस्थानम भक्तिमय हो उठा। महासंस्थानम में सहस्र चंडी महायज्ञ के अंतर्गत लगातार विभिन्न देवी-देवताओं के विशेष पूजन एवं अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। महायाज्ञ के समापन से पूर्व आयोजित इस विशेष अनुष्ठान में बड़ी संख्या में संत, विद्वान, साधु-संन्यासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सभी ने जगद्गुरु शंकराचार्य का आशीर्वाद प्राप्त कर राष्ट्र एवं समाज के कल्याण की कामना की। महासंस्थानम परिसर में सहस्र चंडी महायज्ञ के समापन को लेकर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ महायज्ञ के पूर्णाहुति कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पूजन में डॉ महेश कुमार पाण्डेय श्रम आयुक्त, डॉ विनय कुमार मिश्रा, सच्चिदानंद तिवारी, शिवानंद पाठक आदि पूजन में सम्मिलित हुए।

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