लाडवा अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद में अनियमितता का आरोप, किसानों ने किया मार्केट कमेटी कार्यालय पर प्रदर्शन

धान की सरकारी खरीद में अनियमितता का आरोप, किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर किया प्रदर्शन
लाडवा /04अक्टूबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
लाडवा में धान की सरकारी खरीद को लेकर किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर प्रदर्शन किया है। भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने यह प्रदर्शन रविवार को किया। इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खरीद एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
किसानों के मुख्य आरोप और मांगें
- धान की सही तरीके से खरीद नहीं करने का आरोप लगाया गया।
- फसल में कट लगाने का आरोप लगाया गया।
- सरकार से खरीद प्रक्रिया में सुधार कर किसानों को राहत देने की मांग की गई।
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान रामधारी भूरा ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस बार लाडवा अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद के दौरान किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों खरीद एजेंसियां सेलर मालिकों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। ये एजेंसियां किसानों की धान की फसल में कट लगा रही हैं। इस वजह से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
रामधारी भूरा ने यह भी आरोप लगाया कि धान की खरीद सही तरीके से नहीं हो रही है। इसके कारण किसानों को कई-कई दिन मंडी में अपनी फसल की रखवाली करनी पड़ रही है। उन्होंने याद दिलाया कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा अनाज मंडी का दौरा किया था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए। इसके बावजूद खरीद एजेंसियों की कार्यप्रणाली में कोई खास बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। रामधारी भूरा ने सरकार और प्रशासन से किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान करवाने की मांग की है।
मार्केट कमेटी का पक्ष
मार्केट कमेटी के सचिव संत कुमार ने किसानों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि लाडवा अनाज मंडी में दोनों खरीद एजेंसियों द्वारा धान की सरकारी खरीद सुचारू रूप से की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि मंडी में उठान का कार्य भी शनिवार रात से शुरू कर दिया गया है। संत कुमार ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जा रही है। मंडी में खरीद व उठान का कार्य नियमानुसार लगातार जारी है।
इस प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन से जुड़े कई किसान वहां मौजूद रहे।