लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना: हरियाणा में 42 हजार से अधिक परिवारों को मिल रही है 3200 रुपये मासिक पेंशन

हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना से प्रदेश के नागरिकों को बड़ा लाभ मिल रहा है। इस योजना से जुड़े मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- प्रदेश के 42,758 पात्र परिवार इस योजना के तहत कवर हो चुके हैं।
- हर माह इन परिवारों को 13 करोड़ 68 लाख 25 हजार 600 रुपए की राशि पेंशन के रूप में दी जा रही है।
- केवल बेटियां होने और बेटा न होने वाले अभिभावकों को यह लाभ मिलता है।
- चालू वित्त वर्ष में 82 करोड़ 9 लाख 53 हजार 600 रुपए से अधिक की राशि बांटी जा चुकी है।
लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना की मुख्य जानकारी
चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा सरकार द्वारा लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश में हर माह 42 हजार 758 पात्र परिवारों को 13 करोड़ 68 लाख 25 हजार 600 रुपए की राशि मासिक पेंशन के रूप में दी जा रही है। यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बुधवार को दी है। उन्होंने इस संबंध में विस्तार से बात करते हुए बताया कि प्रदेश के जिन अभिभावकों के पास केवल बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है, चाहे वह जैविक हो या दत्तक हो, उन्हें यह लाभ मिलता है। ऐसे सभी पात्र अभिभावकों को लाडली सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 3200 रुपए की राशि मासिक पेंशन के रूप में प्रदान की जाती है।
चालू वित्त वर्ष और योजना का इतिहास
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 82 करोड़ 9 लाख 53 हजार 600 रुपए से अधिक राशि लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि वृद्धावस्था भत्ता योजना की तर्ज पर यह योजना एक जनवरी, 2006 से शुरू की गई थी। इस योजना में केवल बालिका वाले अभिभावकों को ही मासिक भत्ता अथवा पेंशन प्रदान की जाती है। इस योजना की शुरुआत 300 रुपये प्रतिमाह से की गई थी जिसे बढ़ाकर अब अन्य पेंशन योजनाओं के बराबर कर दिया गया है।
पात्रता आयु और मासिक भत्ते में बदलाव
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पहले पात्रता आयु 55 वर्ष की गई थी। सरकार ने इस नियम में बदलाव करते हुए पात्रता आयु को घटाकर 45 वर्ष कर दिया है। इसके साथ ही, इसका मास्क भत्ता भी वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के तहत बढ़ाकर 3200 रुपये प्रति माह कर दिया गया है जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।