कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने भारत-इंडोनेशिया संबंधों पर दिया जोर

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने भारत-इंडोनेशिया संबंधों पर दिया जोर

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा है कि भारत और इंडोनेशिया के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंध साझी समुद्री विरासत से सुदृढ़ होंगे। उन्होंने यह बात इंडोनेशिया के तंजुंगपिनांग स्थित राजा अली हाजी सामुद्रिक विश्वविद्यालय में आयोजित छठे सामुद्रिक महाद्वीपीय केंद्र अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कही। इस सम्मेलन का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया था।

आधुनिक प्रौद्योगिकी और शासन की आवश्यकता

समुद्री भविष्य को सुरक्षित, समावेशी और पर्यावरणीय रूप से संतुलित बनाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी, आंकड़ा-आधारित निर्णय, प्रभावी सुशासन तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक हैं। प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि समुद्र का भविष्य केवल जहाजों, बंदरगाहों और नौसैनिक शक्ति से निर्धारित नहीं होगा, बल्कि ज्ञान, आंकड़ों की समझ, प्रभावी शासन व्यवस्था और आपसी सहयोग भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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समुद्र वैश्विक अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा, आजीविका और पर्यावरण से गहराई से जुड़ा हुआ है। नीली अर्थव्यवस्था को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय इसे पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समावेशन, जलवायु अनुकूलन और तकनीकी नवाचार से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उपग्रह, संवेदक, स्वचालित प्रणालियों, इंटरनेट आधारित तकनीक और आंकड़ा विश्लेषण के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।

समुद्री ज्ञान सेतु का प्रस्ताव

प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और यूएमआरएएच के बीच ‘समुद्री ज्ञान सेतु’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अंतर्गत पांच प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की परिकल्पना की गई है। इनमें नीली अर्थव्यवस्था पर संयुक्त अनुसंधान, समुद्री शासन एवं नीति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा स्मार्ट समुद्री तकनीक, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आदान-प्रदान और संयुक्त हिंद-प्रशांत ज्ञान मंच शामिल हैं।

प्रस्तुति में केयूके-यूएमआरएएच-हिंद-प्रशांत समुद्री ज्ञान नेटवर्क की परिकल्पना भी प्रस्तुत की गई है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों के साथ सरकार, उद्योग और तटीय समुदायों को जोड़ने का प्रस्ताव है। कुवि आईसीआईपीएस के निदेशक प्रो. वीएन अत्री ने भी हिंद महासागर रिम संघ की नीली अर्थव्यवस्था से संबंधित विभिन्न सम्मेलनों और नीतियों का उल्लेख किया।

महिला सशक्तिकरण और एनएसएस गतिविधियां

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना यूनिट-3 द्वारा ओरिएंटेशन डे एवं महिला सशक्तिकरण विषय पर जागरूकता प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए. आर. चौधरी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक विचार या नारे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व बनाना आवश्यक है।

विद्यार्थियों ने महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोस्टर निर्माण, स्लोगन लेखन एवं भाषण प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि प्रो. ए. आर. चौधरी एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निधि माथुर ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

दार्शनिक परामर्श कार्यशाला का आयोजन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए दार्शनिक परामर्श विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। दर्शन विभाग की अध्यक्षा प्रो. अनामिका गिरधर ने कहा कि दर्शनशास्त्र को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उसे जीवन की वास्तविक परिस्थितियों और व्यक्तिगत अनुभवों से जोड़ना आवश्यक है।

कार्यशाला का संचालन डॉ. मनीष शर्मा द्वारा किया गया जिसमें दार्शनिक परामर्श की प्रकृति एवं विभिन्न दार्शनिक विधियों पर चर्चा की गई। आईआईएचएस सहित विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने दार्शनिक परामर्श की उपयोगिता, मनोवैज्ञानिक परामर्श से इसके अंतर तथा दैनिक जीवन में इसके प्रयोग से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे।

होटल मैनेजमेंट के विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट

इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, ज्योतिसर, कुरुक्षेत्र में आयोजित कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव में केयू के सात विद्यार्थियों का चयन हुआ। डिपार्टमेंट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट के सात विद्यार्थियों का एनकाम हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड में चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों में दीक्षा, सुरभि जांगड़ा, वैभव, अंशिका, अरशदीप, ज्योति शर्मा और मीनाक्षी शामिल हैं।

विभागाध्यक्ष डॉ. मोहिंदर चंद ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कैंपस प्लेसमेंट विद्यार्थियों को हॉस्पिटैलिटी उद्योग में अपने करियर की मजबूत शुरुआत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

स्वच्छता एवं पर्यावरण जागरूकता अभियान

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आईआईएचएस परिसर में एनएसएस स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान में भाग लिया। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन, टीम भावना एवं सामुदायिक सहभागिता की भावना को बढ़ावा देना था।

प्रोग्राम अधिकारी डॉ. वीर विकास ने कहा कि स्वच्छ परिसर का निर्माण सामूहिक जिम्मेदारी है तथा इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर के विभिन्न भागों, उद्यानों एवं आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय रूप से योगदान दिया।

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