कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हिंद-प्रशांत सम्मेलन 28-29 सितंबर

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हिंद-प्रशांत सम्मेलन 28-29 सितंबर

केयू में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 28-29 सितम्बर को,

कुवि कुलगुरु की अध्यक्षता में तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

शशि अरोड़ा /कुरुक्षेत्र/18 सितम्बर 2026 / अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 28-29 सितंबर को हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसके सफल आयोजन को लेकर शुक्रवार को विभिन्न समितियों के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सम्मेलन की तैयारियों, समितियों की जिम्मेदारियों और आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में हुई बैठक

इस बैठक की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने की। उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वैश्विक स्तर पर अकादमिक संवाद और विचार-विमर्श को मजबूत करने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े सुरक्षा, स्थिरता, सतत विकास और समृद्धि जैसे विषय आज के समय में वैश्विक स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण हैं।

विशेषज्ञों के साझा दृष्टिकोण और व्यावहारिक समाधान पर जोर

कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न देशों एवं क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक ही मंच पर लाया जाएगा। इसके जरिए साझा दृष्टिकोण और व्यावहारिक समाधान तलाशने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सभी समितियों से आपसी समन्वय के साथ पूरी मेहनत से कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने सम्मेलन की सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

सम्मेलन के निदेशक ने दी विस्तृत जानकारी

सम्मेलन के निदेशक प्रो. वीएन अत्री ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हिंद-प्रशांत क्षेत्र विषय पर ही केंद्रित है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न क्षेत्रीय एवं देश-विशिष्ट दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श करना है। इसके साथ ही एक सुरक्षित, स्थिर, टिकाऊ, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में सहयोग एवं समन्वय की संभावनाओं पर भी गंभीर चर्चा की जाएगी।

व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों को लेकर हुई चर्चा

बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने सम्मेलन के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। आयोजन से संबंधित आपसी समन्वय, प्रतिभागियों की सुविधाओं और उनके आतिथ्य सहित अन्य सभी व्यवस्थाओं पर भी खुलकर चर्चा की गई। बैठक में यह निर्देश दिए गए कि सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए सभी सदस्य अपनी-अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से पूरा करें और आपस में पूरा तालमेल बनाए रखें।

बैठक में शामिल रहे प्रमुख अधिकारी और सदस्य

इस महत्वपूर्ण बैठक में कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी, प्रो. अनिल मित्तल, प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, प्रो. जसबीर ढांडा, प्रो. विवेक चावला और प्रो. महाबीर रंगा शामिल हुए। इनके अलावा डॉ. धर्मवीर, डॉ. अर्चना चौधरी तथा सम्मेलन के आयोजन के लिए गठित की गई विभिन्न समितियों के अन्य सभी सदस्य भी इस बैठक में उपस्थित रहे।

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