कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम और कार्यशालाएं

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों और संस्थानों द्वारा कई कार्यक्रमों, प्रशिक्षण शिविरों और विशेष व्याख्यानों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, उच्च शिक्षा, करियर विकास और अनुशासन से जुड़े पहलुओं पर मार्गदर्शन करना था। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव और अधिकारियों के मार्गदर्शन में ये सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
युवा विद्यार्थी विकसित भारत की नींव
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में सीबीएसई द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में आईटीटीआर की प्राचार्या डॉ. अनिता दुआ ने कहा कि युवा विद्यार्थी विकसित भारत की नींव हैं और इस नींव को मजबूत करने की अहम जिम्मेवारी शिक्षकों की है। मिलेनियम स्कूल चीका के प्रधानाचार्य राजन शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक सफलता के साथ उनके मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. सुखविंद्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस प्रशिक्षण का मुख्य विषय प्रमोशनल मेंटल हेल्थ एंड वेलनेस अमंग स्टूडेंट्स रहा।
ओजोन संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण पर विशेष व्याख्यान
भूगोल विभाग द्वारा विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर ओजोन, पर्यावरण एवं प्लास्टिक: मानव उत्तरदायित्व का विज्ञान विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्रो. संजीव अरोड़ा ने अपने विशेष व्याख्यान में ओजोन एवं प्लास्टिक प्रदूषण के बीच वैज्ञानिक संबंध को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि पराबैंगनी विकिरण प्लास्टिक के अपक्षय और विखंडन की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। विभागाध्यक्ष डॉ. ओमवीर ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में प्लास्टिक के विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह दी। कार्यक्रम में संकाय सदस्य, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
उच्च शिक्षा ज्ञान सृजन और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम
यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर द्वारा आयोजित 37वें ऑनलाइन एनईपी ओरिएंटेशन एंड सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम के सातवें दिन दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रो. ए. आर. चौधरी ने कहा कि उच्च शिक्षा ज्ञान सृजन, मानव संसाधन विकास, अनुसंधान और सामाजिक गतिशीलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। द्वितीय सत्र में डॉ. सलोनी पवन दीवान ने आत्म-चिंतनात्मक शिक्षण और बॉडी लैंग्वेज के महत्व को समझाया। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
करियर निर्माण के लिए व्यावसायिक कौशल जरूरी
वाणिज्य विभाग द्वारा बी.कॉम. प्रोफेशनल के विद्यार्थियों के लिए करियर विकास एवं प्लेसमेंट विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. मोहिंदर सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन स्किल्स और डिजिटल दक्षता जैसे व्यावसायिक कौशल विकसित करने चाहिए। वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुभाष चंद ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे और प्लेसमेंट प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।
साहित्य और साहित्यिक पाठ की व्याख्या की तकनीकें
आईआईएचएस में आयोजित साहित्यिक अभिविन्यास कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साहित्यिक रचनाओं के अध्ययन की विधियां सिखाई गईं। डॉ. जिम्मी शर्मा ने विद्यार्थियों को साहित्य के अध्ययन की व्यावहारिक एवं रचनात्मक विधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साहित्य भाषा के माध्यम से किए गए प्रयोगों को समझने का अभ्यास है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रामचंद्र ने डॉ. जिम्मी शर्मा का आभार व्यक्त किया।
ओजोन संरक्षण के लिए वैज्ञानिक जागरूकता जरूरी
वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रो. शारदा रानी गुप्ता ने कहा कि ओजोन परत का संरक्षण पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। विभाग के अध्यक्ष डॉ. योगेश कुमार ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, पुष्प सज्जा और ओजोन क्विज प्रतियोगिता जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
स्टॉक मार्केट की कार्यप्रणाली पर कार्यशाला
यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के ट्रेनिंग, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा एमबीए के विद्यार्थियों के लिए स्टॉक मार्केट इन प्रैक्टिस विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्रो. अनिल मित्तल ने कहा कि वित्तीय बाजार को समझने के लिए व्यावहारिक अनुभव बेहद महत्वपूर्ण है। इस कार्यशाला में 70 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। कस्टॉक के फाउंडर अमित अरोड़ा और निदेशक अनु अरोड़ा ने विद्यार्थियों को लाइव ट्रेडिंग डेमो के माध्यम से बाजार की कार्यप्रणाली समझाई।
पर्यावरण संरक्षण और ओजोन परत का महत्व
आईआईएचएस के भूगोल विभाग द्वारा विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता दीपक कुमार ने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्राचार्या प्रो. रीटा ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर भाषण और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें सुमित, मोहित, शगुन, नेहा और रिया ने पुरस्कार प्राप्त किए।
मीडिया विद्यार्थियों के लिए कोड ऑफ कंडक्ट पर व्याख्यान
जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए यूनिवर्सिटी कोड ऑफ कंडक्ट फॉर स्टूडेंट्स विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसा वातावरण तैयार करने में विश्वास रखता है जो विद्यार्थियों को व्यक्तिगत विकास में सक्षम बनाए। संस्थान की निदेशिका प्रो. बिंदु शर्मा ने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कंवरदीप शर्मा ने विद्यार्थियों को अनुशासन और जिम्मेदारी के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।