कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. बी.एस. चौधरी बने इंडियन जियोफिजिकल यूनियन के फेलो, कुलगुरु ने दी बधाई

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. बी.एस. चौधरी बने इंडियन जियोफिजिकल यूनियन के फेलो, कुलगुरु ने दी बधाई

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूभौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं अध्यक्ष तथा सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज इन अर्थक्वेक साइंसेज के समन्वयक प्रोफेसर डॉ. बी.एस. चौधरी को इंडियन जियोफिजिकल यूनियन (आईजीयू), हैदराबाद का फेलो निर्वाचित किया गया है। यह निर्वाचन उन्हें भूभौतिकी, अनुसंधान, शिक्षण एवं अकादमिक नेतृत्व के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान के सम्मान स्वरूप मिला है।

कुलगुरु प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने प्रो. भगवान सिंह को बधाई देते हुए कहा है कि यह उपलब्धि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है और इससे विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक एवं अनुसंधान गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

आईजीयू द्वारा आधिकारिक पत्र जारी

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इंडियन जियोफिजिकल यूनियन की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में डॉ. ए.आर. बंसल, सचिव, इंडियन जियोफिजिकल यूनियन एवं मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट हैदराबाद ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि प्रो. चौधरी का फेलो के रूप में निर्वाचन भूभौतिकी के क्षेत्र में उनकी निरंतर प्रतिबद्धता, परिश्रम और महत्वपूर्ण योगदान की पहचान है।

उन्होंने आगे कहा कि यह फेलोशिप प्रो. चौधरी के अकादमिक एवं अनुसंधान योगदान को मिली महत्वपूर्ण मान्यता है तथा इससे ज्ञान-विनिमय, अकादमिक संवाद एवं वैज्ञानिक सहयोग के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। फेलोशिप का प्रमाण-पत्र इंडियन जियोफिजिकल यूनियन के 63वें वार्षिक अधिवेशन के दौरान औपचारिक रूप से प्रदान किया जाएगा। यह अधिवेशन 2 से 4 नवंबर, 2026 तक आईआईटी बॉम्बे, मुंबई में आयोजित होगा।

शिक्षण एवं अनुसंधान का व्यापक अनुभव

प्रो. चौधरी को शिक्षण, अनुसंधान एवं अकादमिक प्रशासन का 36 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनके प्रमुख शोध एवं विशेषज्ञता के क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के मानचित्रण एवं प्रबंधन में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, जल संसाधन, आपदा एवं पर्यावरण प्रबंधन, विद्युत अन्वेषण, जल भूभौतिकी तथा निकट-सतही भूभौतिकी शामिल हैं। उनके 100 से अधिक शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं तथा सम्मेलनों में प्रकाशित हो चुके हैं।

प्रो. चौधरी ने उच्च शिक्षा एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाए हैं। उन्होंने चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी के संस्थापक रजिस्ट्रार तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के रजिस्ट्रार के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। उनके अकादमिक नेतृत्व एवं प्रशासनिक अनुभव ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत विकास को भी महत्वपूर्ण दिशा प्रदान की है।

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान

प्रो. चौधरी को उनके उल्लेखनीय अकादमिक एवं वैज्ञानिक योगदान के लिए अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। अगस्त 2026 में उन्हें जर्नल ऑफ नेपाल जियोलॉजिकल सोसाइटी, काठमांडू, नेपाल के संपादकीय बोर्ड में शामिल किया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें बेस्ट रिसर्चर (कोलैबोरेशन) अवार्ड-2022, बेस्ट रिसर्चर (कंसल्टेंसी साइंसेज) अवार्ड-2025 तथा शिक्षक दिवस-2026 के अवसर पर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया है। उन्हें जर्मन एकेडमिक एक्सचेंज सर्विस फेलोशिप के अंतर्गत यूनिवर्सिटी ऑफ फ्रीबर्ग, जर्मनी में अकादमिक अवसर प्राप्त हुआ तथा 18वें आइएसपीआरएस सम्मेलन, वियना, ऑस्ट्रिया में सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

वर्तमान दायित्व एवं अकादमिक सदस्यता

प्रो. चौधरी वर्तमान में इंडियन नेशनल चैप्टर ऑफ द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ हाइड्रोजियोलॉजिस्ट्स के उपाध्यक्ष (2026-2028) तथा ई-जर्नल ऑफ जियोहाइड्रोलॉजी के कार्यकारी संपादक के रूप में दायित्व निभा रहे हैं। उन्होंने 14 पीएच.डी. शोधार्थियों तथा 45 से अधिक एम.टेक. शोध-प्रबंधों का सफलतापूर्वक पर्यवेक्षण किया है। वे इंडियन वाटर रिसोर्सेज सोसाइटी, साउथ एशियन एसोसिएशन ऑफ इकोनॉमिक जियोलॉजिस्ट्स तथा सोसाइटी ऑफ अर्थ साइंटिस्ट्स के फेलो हैं और अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं अकादमिक संस्थाओं के आजीवन सदस्य भी हैं।

उनकी वैज्ञानिक एवं अकादमिक सक्रियता राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न वैज्ञानिक एवं सरकारी पहलों तक भी विस्तृत रही है। उन्होंने वेस्ट टू वेल्थ मिशन के अंतर्गत स्वच्छता सारथी फेलोशिप के मूल्यांकन तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत नवीन प्रौद्योगिकियों के मूल्यांकन जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों में योगदान दिया है। ये पहल भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय से संबद्ध राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अंतर्गत संचालित होती हैं। इसके अतिरिक्त, वे एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं के संपादकीय बोर्ड एवं समीक्षक मंडल से जुड़े रहे हैं तथा स्प्रिंगर पब्लिशर्स से चार पुस्तकों का सह-संपादन भी कर चुके हैं।

व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव

प्रो. चौधरी को व्यापक अंतरराष्ट्रीय अकादमिक एवं वैज्ञानिक अनुभव भी प्राप्त है। उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, पोलैंड, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल तथा थाईलैंड सहित विभिन्न देशों में अकादमिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों में भाग लिया है। प्रो. बी.एस. चौधरी का इंडियन जियोफिजिकल यूनियन के फेलो के रूप में निर्वाचन भूभौतिकी, भू-स्थानिक विज्ञान, जल भूभौतिकी, अकादमिक अनुसंधान एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान है।

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