कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शोध, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और स्वास्थ्य शिविर सहित कई कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शोध, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और स्वास्थ्य शिविर सहित कई कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

केयू में चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी और क्षेत्रीय सहयोग पर हुआ मंथन

कुरुक्षेत्र/ 30 सितंबर 2026 /शशि अरोड़ा/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक, शोध और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन शामिल है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने शोध एवं उच्च शिक्षा को नई दिशा देने के लिए स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टिट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट पंचकूला के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

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केयूके और एसजेएचआईएफएम के बीच एमओयू

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने शोध एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को विस्तार देते हुए स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टिट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट पंचकूला के साथ समझौता ज्ञापन किया है। चंडीगढ़ स्थित होटल माउंटव्यू में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की गरिमामयी उपस्थिति में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एमओयू का प्रमुख उद्देश्य डॉक्टोरल रिसर्च सेंटर की स्थापना करना है। इसके माध्यम से शोधार्थियों को उच्च स्तरीय शोध सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए बेहतर अकादमिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। यह पहल शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा में नए अवसरों के सृजन में सहायक होगी। एमओयू पर हस्ताक्षर के अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा को बधाई दी और शोध एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इस पहल को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा अकादमिक एवं अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। एसजेएचआईएफएम के साथ यह समझौता विश्वविद्यालय की शोध गतिविधियों को नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टोरल रिसर्च सेंटर की स्थापना से शोधार्थियों को बेहतर शोध वातावरण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा तथा दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान एवं शोध के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि शोध को समाज और प्रदेश की विकास आवश्यकताओं से जोड़ा जाए। इस अवसर पर ओएसडी राज नेहरू सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

प्रो. कृष सीता ने कुवि कुलगुरु से की मुलाकात

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंडियन ओशन एंड इंडो-पैसिफिक स्टडीज की ओर से आयोजित चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उपरांत स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी यूएसए के वुड्स इंस्टीट्यूट फॉर द एनवायरनमेंट के सीनियर फेलो प्रो. कृष सीता ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा से शिष्टाचार भेंट की है। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने प्रो. कृष सीता को सम्मान स्वरूप श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति भेंट की है। वहीं प्रो. कृष सीता ने कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा तथा सम्मेलन के निदेशक प्रो. वीएन अत्री को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी का स्मृति चिह्न भेंट किया है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय अकादमिक आयोजन वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद एवं विचार-विमर्श के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। मुलाकात के दौरान प्रो. कृष सीता ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित इंडो-पैसिफिक सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस प्रकार का आयोजन कहीं और नहीं देखा है। उन्होंने सम्मेलन के सफल एवं भव्य आयोजन के लिए कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा को बधाई दी है।

शिक्षक व कर्मचारी संस्थान की प्रगति के मजबूत आधार

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एक शिक्षक व एक गैर-शिक्षक कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर प्रशासन की ओर से विदाई पार्टी का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की प्रगति में शिक्षकों एवं कर्मचारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उनके समर्पण, अनुभव और सेवाभाव से संस्थान निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति सेवा का एक पड़ाव है, जबकि संस्थान के साथ जुड़ी स्मृतियां और योगदान सदैव याद रहते हैं। इस अवसर पर प्रो. वीरेन्द्र पाल ने सेवानिवृत्त हुए शिक्षक व कर्मचारी से औपचारिक बातचीत की है। इस मौके पर सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारी ने अपने विचार व अनुभव सांझा किए और इस विदाई पार्टी के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार प्रकट किया है। सेवानिवृत्त होने वालों में आईआईएचएस के गणित शिक्षक डॉ. नवनीत बहल व यूआईईटी से लैब अटैंडेंट अजय कुमार शर्मा शामिल हैं। इस मौके पर यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा, आईआईएचएस प्राचार्या प्रो. रीटा, कुटा प्रधान डॉ. जितेन्द्र खटकड़, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, कुंटिया प्रधान राजवंत कौर, अधीक्षक सतीश कुमार, नरेन्द्र निम्मा, विकास कांतिवाल, मोहन बिष्ट सहित सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिवारजन मौजूद थे।

चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी पर मंथन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंडो-पैसिफिक स्टडीज द्वारा आयोजित दो दिवसीय चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का मंगलवार को समापन हुआ है। सम्मेलन के निदेशक प्रो. वीएन अत्री ने बताया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग, समुद्री सुरक्षा, सतत विकास, ब्लू इकोनॉमी, समुद्री शासन, जलवायु परिवर्तन तथा इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव के प्रभावी क्रियान्वयन पर देश-विदेश के विशेषज्ञों ने व्यापक मंथन किया है। सम्मेलन के पहले दिन आईओआरए के महासचिव संजीव रंजन ने कहा कि हिंद-प्रशांत में विभिन्न सहयोगी ढांचे एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि परस्पर पूरक हैं। मौजूदा व्यवस्थाओं को आपस में जोड़कर व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है। बीआईएमएसटीईसी के महासचिव इंद्रमणि पांडे ने कहा कि भारत की आईपीओआई की सातों प्राथमिकताएं बीआईएमएसटीईसी के मौजूदा एजेंडे से व्यापक रूप से जुड़ी हैं। राजदूत डॉ. अनिल सूकलाल ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में हिंद महासागर क्षेत्र की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। राजदूत संजय पांडा ने कहा कि वर्तमान समय वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक बदलावों का दौर है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र का भविष्य सुरक्षित, स्थिर, टिकाऊ, समृद्ध और नियम-आधारित व्यवस्था के निर्माण में निहित है। डॉ. नोमवुयो एन. नोक्वे ने हिंद महासागर और आसियान क्षेत्र के बीच अंतर-क्षेत्रीय सहयोग मजबूत करने की आवश्यकता बताई है। डॉ. किलापर्ति रामकृष्ण ने विज्ञान, संस्थागत सहयोग, तकनीक, वित्त और प्रभावी क्रियान्वयन को एक साथ जोड़ने पर बल दिया है। डॉ. औगांग धमार ने भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री विज्ञान, अनुसंधान, अकादमिक आदान-प्रदान और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता बताई है। दूसरे दिन सम्मेलन के समापन अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने सभी का आभार व्यक्त किया है।

केयू में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर विश्वविद्यालय के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष अनेजा द्वारा निःशुल्क कार्डियो-डायबिटीज एवं आई केयर अवेयरनेस स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर में लगभग 275 विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल ने कहा कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना आवश्यक है। सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष अनेजा ने बताया कि शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय समुदाय को हृदय, मधुमेह और नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। शिविर में सिग्नस हॉस्पिटल के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण किए गए हैं। डॉ. अनेजा ने स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन के लिए जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव करने की सलाह दी है।

पोषण माह के तहत जागरूकता शिविर

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन शोध केंद्र द्वारा गांव भिवानी खेड़ा में महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर में गांव की महिलाओं एवं किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है। शिविर में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग की प्रो. तरविंदर जीत कौर ने किशोरियों एवं महिलाओं को स्वस्थ शरीर के लिए पोषण के महत्व की जानकारी दी है। महिला अध्ययन शोध केंद्र की निदेशिका प्रो. वनिता ढींगरा ने वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया है। शिविर में लगभग 50 ग्रामीण महिलाओं एवं किशोरियों ने भाग लिया है।

एनसीसी कैडेट्स को किया गया सम्मानित

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज के चार एनसीसी कैडेट्स को प्रतिष्ठित ऑल इंडिया थल सैनिक शिविर में सहभागिता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय स्तर का यह शिविर महानिदेशालय एनसीसी नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। आईआईएचएस के कैडेट्स ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ निदेशालय का प्रतिनिधित्व किया है। शिविर में आईआईएचएस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जजिंग डिस्टेंस एंड फील्ड सिग्नल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। कैडेट्स की मेहनत और अनुशासन को देखते हुए उन्हें विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया है।

हरियाणवी लोक गीतों पर कार्यशाला का समापन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में संगीत एवं नृत्य विभाग तथा अन्य केंद्रों के सहयोग से आयोजित हरियाणवी लोक गीतों पर तीन दिवसीय कार्यशाला का बुधवार को समापन हुआ है। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र के सुप्रसिद्ध समाजसेवी जय भगवान सिंगला ने कार्यशाला के सफल आयोजन की सराहना की है। विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया है। कार्यशाला के मुख्य विशेषज्ञ पं. कैलाश वर्मा ने प्रतिभागियों को पारंपरिक लोकगीतों का अभ्यास करवाया है। इस कार्यशाला में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया है।

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