कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में जन परीक्षा संवाद कार्यशाला और ओजोन दिवस पर प्रतियोगिताओं का आयोजन

केयू में जन परीक्षा संवाद आज
परीक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायपूर्ण, पारदर्शी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने पर होगा मंथन
शशि अरोड़ा /कुरुक्षेत्र /17 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 18 सितंबर 2026 को जन परीक्षा संवाद एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी, परीक्षा शाखा तथा भारतीय शिक्षण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यशाला प्रातः 10 बजे सीनेट हाल में आयोजित होगी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायपूर्ण, पारदर्शी, विश्वसनीय, समावेशी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है। इस दिशा में व्यापक संवाद और विचार-विमर्श किया जाएगा।
आईक्यूएसी सेल के निदेशक प्रो. तेजेन्द्र शर्मा ने इस बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला के दौरान परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था पर चर्चा होगी। इसके अलावा परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा जैसे विषयों पर भी बात की जाएगी। प्रौद्योगिकी आधारित एवं भविष्य की परीक्षा प्रणाली पर भी विचार किया जाएगा। समावेशी एवं भाषा-न्यायपूर्ण परीक्षा व्यवस्था तथा विद्यार्थी अनुभव एवं परीक्षा कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने कार्यक्रम को लेकर अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जन परीक्षा संवाद के माध्यम से परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न हितधारकों के विचार आमंत्रित किए जाएंगे। सभी से सुझाव भी मांगे जाएंगे ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इसे और अधिक पारदर्शी तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके। लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों की सहभागिता होगी। इसमें विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य हितधारकों की भी उपस्थिति रहेगी।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में ओजोन दिवस के अवसर पर विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम हुआ है। पर्यावरण अध्ययन संस्थान द्वारा संचालित एनबायस सोसाइटी के तत्वावधान में इसका आयोजन किया गया। विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया था। इसके तहत पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था।
पर्यावरण अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. परमेश कुमार ने इस अवसर पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी पर जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक सुरक्षा कवच है। यह परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी विकिरण से मानव स्वास्थ्य की रक्षा करती है। यह वनस्पतियों और विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने आगे कहा कि ओजोन संरक्षण के क्षेत्र में जो उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं वे बहुत कुछ दर्शाती हैं। इनसे पता चलता है कि वैज्ञानिक अनुसंधान और जन-जागरूकता बहुत जरूरी है। तकनीकी नवाचार एवं सामूहिक प्रयासों के माध्यम से वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता दिखाई। विद्यार्थियों ने ओजोन परत के महत्व और ओजोन क्षरण पर विचार रखे। पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन तथा सतत विकास जैसे विषयों पर भी अपनी बात रखी। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आकर्षक और संदेशपरक पोस्टर बनाए। उन्होंने पोस्टरों के माध्यम से ओजोन परत के संरक्षण की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पर्यावरणीय चुनौतियों पर बात की और उनके समाधान पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रतियोगिताओं के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं और विजेताओं को सम्मानित किया गया है। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में एम.एससी. (प्रीवियस) की पूजा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बी.वॉक के गुरध्यान ने इस प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल किया है। एम.एससी. (प्रीवियस) की मेहक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। भाषण प्रतियोगिता में बी.वॉक की खुशी ने प्रथम स्थान हासिल किया है। बी.वॉक के रुद्र ने भाषण प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। एम.एससी. (प्रीवियस) की रुजल ने भी प्रतियोगिता में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।
इन प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. गुरचरण सिंह और डॉ. भावना दहिया शामिल रहे। भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. दीपक राय, डॉ. पूजा तथा डॉ. दीप्ति शामिल रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। विषय की समझ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, प्रस्तुति और प्रभावशीलता के आधार पर यह मूल्यांकन किया गया। इस पूरे कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. मीनाक्षी सुहाग और डॉ. संदीप गुप्ता रहे हैं।