कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में मेंटर-मेंटी कार्यक्रम का हुआ आयोजन, विद्यार्थियों के विकास पर हुई चर्चा

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में विद्यार्थियों के शैक्षणिक मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से मेंटर-मेंटी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के अकादमिक, व्यक्तिगत और करियर से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मेंटर-मेंटी प्रणाली का महत्व
विभाग के अध्यक्ष डॉ. धर्मबीर ने अपने संबोधन में कहा कि मेंटर-मेंटी प्रणाली विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान में भी सहयोग मिलता है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की गुरु-शिष्य परंपरा तथा एकलव्य के गुरु के प्रति समर्पण का उदाहरण दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। डॉ. धर्मबीर ने सुविख्यात इतिहासकार ई. एच. कार की पुस्तक 'व्हाइट इज हिस्ट्री?' का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इतिहास अतीत और वर्तमान के बीच एक अंतहीन संवाद है, उसी प्रकार गुरु और शिष्य के बीच भी निरंतर संवाद की प्रक्रिया चलती रहती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने मेंटर्स के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का आह्वान किया।
वक्ताओं के विचार और करियर मार्गदर्शन
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीनियर प्रोफेसर सरवर कुमार चहल ने विद्यार्थियों के सामाजिक और निजी जीवन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों के करियर की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। सहायक प्रोफेसर डॉ. विजेंद्र सिंह ढुल ने विद्यार्थियों को अनुशासन और चिंता-मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शोधाभिमुख दृष्टिकोण तथा उच्च शिक्षा के प्रति समर्पण बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन और उपस्थिति
इस कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. श्वेता कश्यप ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. विजेंद्र सिंह ढुल ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभाग के शोधार्थी राहुल दीप सहित सभी शोधार्थी और विद्यार्थी विशेष रूप से उपस्थित रहे। यह जानकारी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंपर्क निदेशक डॉ. महा सिंह पूनिया ने दी।