कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता अभियान, एनईपी और दूरदर्शन प्रसारण दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न शैक्षणिक, स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान और जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज (आईआईएचएस) के महिला प्रकोष्ठ द्वारा श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद स्टडीज एंड रिसर्च हॉस्पिटल के प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग के सहयोग से पीसीओडी पर स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉ. ममता सचदेवा ने कहा कि छात्राओं के लिए अपने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अनुशासित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को आवश्यक बताते हुए छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। आईआईएचएस की प्राचार्या प्रो. रीटा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं और उन्होंने इस पहल के लिए अपना सहयोग प्रदान किया। महिला प्रकोष्ठ की संयोजक प्रो. पूनम कुमारी ने प्राचार्या, चिकित्सकों, शिक्षकों एवं छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि युवा महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति लापरवाही के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुनीति तंवर ने पीसीओडी के लक्षणों, संभावित कारणों, बचाव के उपायों तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। प्रो. (डॉ.) जितेश कुमार पांडा ने कहा कि फास्ट फूड के अधिक सेवन और दैनिक दिनचर्या में अनियमितता के कारण युवाओं में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और व्यवस्थित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में लगभग 300 छात्राओं ने जागरूकता व्याख्यान में भाग लिया, जबकि करीब 100 छात्राओं एवं आईआईएचएस की महिला कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकीय टीम ने प्रतिभागियों को परामर्श एवं आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के फार्मासिस्ट द्वारा चिकित्सकों की सलाह के अनुसार छात्राओं को आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध करवाई गईं। इस अवसर पर आईआईएसच प्राचार्या प्रो. रीटा, प्रो. अनिल गुप्ता, डॉ. आशीष अनेजा, प्रो. कुसुम, डॉ. विनीत, डॉ. रितु सैनी, डॉ. तन्नू, डॉ. राजेंद्र, डॉ. सरिता, डॉ. स्नेहा, डॉ. नवप्रीत, डॉ. वीर विकास, प्रो. अनुपमा, प्रो. सुकर्मवती, प्रदीप एवं मंगेश सहित अन्य शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए अतिथियों, प्राचार्या, चिकित्सकों, आयोजकों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
केयू में यूटीडी की एनएसएस इकाई द्वारा स्वच्छता अभियान एवं शपथ समारोह कार्यक्रम आयोजित
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-1 एवं इकाई-2 द्वारा स्वच्छता अभियान एवं शपथ समारोह कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के आई.टी.टी.आर और आरके सदन में किया गया। यह कार्यक्रम डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर ए० आर० चौधरी के नेतृत्व में तथा डॉ. राज रतन एवं डॉ. सतीश कुमार द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सतीश कुमार, कार्यक्रम अधिकारी, ने स्वयंसेवकों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्वयंसेवकों को स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए जागरूक किया। इसके उपरांत स्टेट एनएसएस अवॉर्डी हर्ष कुमार ने स्वयंसेवकों को विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद (क्विज) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने युवाओं की भूमिका एवं इस क्विज के महत्व के बारे में बताते हुए स्वयंसेवकों को इसमें अधिक से अधिक भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा मौके पर ही स्वयंसेवकों का पंजीकरण करवाया। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की शपथ ली। स्वयंसेवकों ने स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण तथा समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस शिविर का नेतृत्व एनएसएस स्वयंसेविका महक यादव एवं काजल ने किया।
शोध, नवाचार एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर केंद्रित रहा एनईपी ओरिएंटेशन कार्यक्रम का छठा दिन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में 37वें ऑनलाइन एनईपी ओरिएंटेशन एवं सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम के छठे दिन शोध एवं विकास तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली पर दो महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। यह कार्यक्रम यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा आचार्य रघुवीर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबाला कैंट के सहयोग से 8 से 17 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। प्रथम सत्र में मेरठ कॉलेज, मेरठ के विधि विभाग के प्रो. अनुराग सिंह ने एनईपी-2020 के तहत समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा, शोध नैतिकता, नवाचार, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल तथा समाजोपयोगी शोध की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने पेडागॉजी, एंड्रागॉजी एवं ह्यूटागॉजी तथा बहुविषयक, अंतर्विषयक एवं ट्रांस डिसिप्लिनरी शोध की अवधारणाओं को भी समझाया। द्वितीय सत्र में कुवि यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की निदेशिका एवं विधि विभाग की प्रोफेसर प्रीति जैन ने आर्यभट्ट एवं वराहमिहिर सहित भारतीय विद्वानों के योगदान तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली की समकालीन शिक्षा में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारतीय शिक्षा परंपरा में शिक्षा का उद्देश्य केवल बौद्धिक विकास नहीं, बल्कि मन, शरीर एवं आत्मा के संतुलित विकास से भी जुड़ा है। दोनों सत्रों में प्रश्नोत्तर के माध्यम से प्रतिभागियों ने शोध, नवाचार तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली को उच्च शिक्षा में प्रभावी रूप से शामिल करने संबंधी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। छठे दिन के सत्रों ने प्रतिभागियों को शोध, नवाचार, बहुविषयक शिक्षा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के व्यावहारिक पक्षों से अवगत कराया।
केयू के जनसंचार संस्थान में राष्ट्रीय दूरदर्शन प्रसारण दिवस पर वृत्तचित्र का प्रदर्शन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में राष्ट्रीय दूरदर्शन प्रसारण दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को हिस्ट्री ऑफ दूरदर्शन नाम से निर्मित 20 मिनट की एक वृत्तचित्र दिखाई गई। इस वृत्तचित्र के माध्यम से विद्यार्थियों को दूरदर्शन के इतिहास, विभिन्न कार्यक्रमों के आरंभ, रंगीन टेलीविज़न प्रसारण की शुरुआत, प्रमुख धारावाहिकों की जानकारी तथा दूरदर्शन की साइट जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के बारे में विस्तार से जानने का अवसर मिला। इस अवसर पर संस्थान की निदेशिका प्रोफेसर बिंदु शर्मा ने कहा कि दूरदर्शन ने भारतीय जनमानस को सोचने, समझने और अपने जीवन में प्रगति करने की एक नई सोच को जन्म दिया है, जिससे समाज ने हर दिशा में विकास किया है। प्रसारण माध्यमों ने जन-जागरूकता फैलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे बताया कि इस प्रदर्शन से विद्यार्थियों को प्रसारण मीडिया के इतिहास, उसकी कार्यप्रणाली और तकनीकी बारीकियों को गहराई से समझने का मौका मिला। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।