कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों को नमन किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रीमद भगवद गीता सदन के प्रांगण में हुआ आयोजन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर विश्वविद्यालय के श्रीमद भगवद गीता सदन के प्रांगण में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रांगण में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेन्द्र पाल ने पुष्प अर्पित किए। उनके साथ विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी महात्मा गांधी को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल का संबोधन
इस मौके पर कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि 2 अक्टूबर का दिन हर भारतवासी के लिए बहुत अधिक महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने जन-जन को जोड़ने का काम किया था। महात्मा गांधी ने अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए देश को अंग्रेजों से मुक्त करवाया था और पूरी दुनिया को एक नया रास्ता दिखाया था। कुलसचिव ने यह भी कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी त्याग, तपस्या व बलिदान के अद्भुत और महान व्यक्तित्व थे।
लाल बहादुर शास्त्री को नमन और गणमान्य लोग उपस्थित
इस मौके पर सभी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम के दौरान छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी, प्रॉक्टर प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. जसबीर सिंह और कुटा प्रधान डॉ. जितेन्द्र खटकड़ उपस्थित रहे। इनके अलावा युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला, प्रो. कुसुमलता, मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. आनंद कुमार, प्रो. परमेश कुमार और डॉ. निधि माथुर सहित अन्य कई लोग भी वहां मौजूद थे।