खानक पहाड़ खनन में महाघोटाले की ईडी और सीबीआई जांच की मांग,

खानक पहाड़ खनन में महाघोटाले की ईडी, सीबीआई जांच करवाने की मांग को लेकर बाबा मुंगीपा सर्व कल्याण मंच खानक तथा ग्रामीणों ने पीएम, सीएम, गृह मंत्री आदि को भेजा पत्र
खानक स्टोन माइनस में कथित 10.08 करोड़ रुपए प्रतिमाह की अवैध वसूली, राजस्व की संभावित भारी हानि, सुरक्षा ठेके में करीबन 36 करोड़ रुपए की अनियमितता, आय से अधिक बेनामी संपत्ति आदि मामलों की जांच की उठाई मांग
विष्णु दत्त शास्त्री/तोशाम / 24 सितम्बर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
खानक पहाड़ खनन में महाघोटाले की ईडी और सीबीआई जांच की मांग को लेकर बाबा मुंगीपा सर्व कल्याण मंच खानक तथा ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री आदि को पत्र भेजा है।
- खानक स्टोन माइनस में कथित 10.08 करोड़ रुपए प्रतिमाह की अवैध वसूली का आरोप
- सुरक्षा ठेके में करीबन 36 करोड़ रुपए की अनियमितता की जांच की मांग
- राजस्व की संभावित भारी हानि और आय से अधिक बेनामी संपत्ति के मामलों की जांच
गांव खानक के बाबा मुंगीपा सर्व कल्याण मंच सहित विभिन्न ग्रामीणों ने खानक स्टोन माइंस में कथित 10.08 करोड़ रुपए प्रतिमाह की अवैध वसूली के मामलों की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने ब्लू स्टोन को वेदर्ड स्टोन दर्शाकर सरकारी राजस्व की संभावित भारी हानि, मूल खनन ठेके की कथित अनधिकृत सबलेटिंग और सुरक्षा ठेके में लगभग 36 करोड़ रुपए की अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके अलावा आय से अधिक बेनामी संपत्ति, राजनीतिक संरक्षण एवं अवैध नगद राशि के वितरण से संबंधित कथित संगठित महाघोटाले के आरोपों की ईडी, सीबीआई तथा स्वतंत्र विशेष जांच दल से जांच करवाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
गांव खानक निवासी सुभाष, चरण सिंह, सतीश कुमार, राकेश, मोनू, प्रवीण, भीम, संदीप, नर सिंह, कृष्ण कुमार, नवीन, अनिल आदि सहित विभिन्न ग्रामीणों ने विभिन्न अधिकारियों को पत्र लिखा है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, विभिन्न केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, विधायक, सांसद तथा प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र के माध्यम से यह जानकारी दी है। पत्र में बताया गया है कि एचएसआईआईडीसी की खानक स्टोन माईन में कथित पिछले लम्बे समय से बहुत बड़ा आर्थिक घोटाला चलने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि इन सभी मामलों की विशेष जांच दल से जांच करवाई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
भिवानी जिले की खानक स्टोन माइंस का मामला
उनका कहना था कि भिवानी जिले में स्थित खानक स्टोन माइंस से संबंधित अत्यंत गंभीर आर्थिक, प्रशासनिक और आपराधिक आरोप लगाए जा रहे हैं। इन सभी गंभीर मामलों को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री आदि के संज्ञान में लाया जा रहा है। जिसके तहत स्टोन क्रेशर संचालकों, वाहन मालिकों, चालकों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों द्वारा निरंतर यह आरोप लगाया जा रहा है। खानक माइंस में कुछ सरकारी अधिकारियों, निजी कंपनियां, कर्मचारी, मध्यस्थों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की कथित मिली भगत से अवैध वसूली का काम चल रहा है। यहां एक संगठित अवैध वसूली और राजस्व हानि का तंत्र बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा है।
सुनील शर्मा और शेख मौलाली पर लगे आरोप
आ आरोपों के केंद्र में एचएसआईआईडीसी के वर्तमान माइंस एचओडी सुनील शर्मा तथा खानक माइंस के कथित वास्तविक संचालन से जुड़े शेख मौलाली बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कथित तौर पर सुनील शर्मा इस पूरी व्यवस्था को प्रशासनिक संरक्षण और नेतृत्व प्रदान करते हैं। वहीं दूसरी तरफ अवैध रूप से एकत्र की गई नगद राशि कहां और किस व्यक्ति के माध्यम से पहुंचाई जानी है इसकी व्यवस्था की जाती है। अवैध राशि किस लाभार्थी तक पहुंचानी है इसकी व्यवस्था एवं निगरानी शेख मौलाली द्वारा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच की मांग
हालांकि उनका यह भी कहना था कि यह शिकायत किसी भी व्यक्ति को जांच से पूर्व दोषी घोषित करने के लिए नहीं दी गई है। इस शिकायत में वर्णित सभी तथ्य क्षेत्र में लगातार लगाए जा रहे आरोपों और उपलब्ध डिस्पैच आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके अलावा यह शिकायत पूर्व में दी गई शिकायतों पर भी पूरी तरह से आधारित है। इनकी सत्यता की जांच स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा मूल दस्तावेजों के आधार पर की जानी चाहिए। डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और गवाहों के बयान के आधार पर ही इनकी सत्यता निर्धारित की जा सकती है।
सैकड़ों करोड़ रुपए के संभावित आर्थिक घोटाले की आशंका
पत्र के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि यह सभी आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बहुत बड़ा मामला बन सकता है। यह मामला सैंकड़ों करोड़ रुपए के संभावित आर्थिक प्रभाव वाला कथित संगठित महाघोटाला साबित हो सकता है। उन्होंने पुरजोर मांग की है कि इस पूरे मामले की ईडी, सीबीआई तथा स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट विशेषज्ञ वाली विशेष जांच टीम से जांच करवाई जाए।