गुरुग्राम की बेटी काम्या भारद्वाज ने इंग्लिश चैनल पार कर रचा इतिहास, विधायक मुकेश शर्मा ने किया स्वागत

गुरुग्राम की बेटी काम्या भारद्वाज ने इंग्लिश चैनल पार कर रचा इतिहास, विधायक मुकेश शर्मा ने किया स्वागत

गुरुग्राम में हुआ काम्या भारद्वाज का भव्य स्वागत

गुरुग्राम की होनहार तैराक और प्रतिभाशाली बेटी काम्या भारद्वाज ने इंग्लिश चैनल पार कर शानदार उपलब्धि हासिल की है। गुरुग्राम के एमएलए मुकेश शर्मा के सुपुत्र अनुज शर्मा ने काम्या भारद्वाज का भव्य स्वागत-अभिनंदन कर उन्हें सम्मानित किया है। 19 वर्षीय काम्या भारद्वाज ने 14 घंटे 19 मिनट में इंग्लिश चैनल पार किया है।

  • काम्या भारद्वाज ने महज तीन दिनों में दो बार इंग्लिश चैनल पार किया है।
  • वह इंग्लिश चैनल पार करने वाली हरियाणा की पहली महिला तैराक बन गई हैं।
  • इस उपलब्धि से गुरुग्राम और हरियाणा का नाम दुनिया भर में गौरवान्वित हुआ है।
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इंग्लिश चैनल पार करना है कठिन समुद्री चुनौती

सम्मान समारोह के दौरान अनुज शर्मा जी ने कहा कि इंग्लिश चैनल पार करना दुनिया की कठिन समुद्री तैराकी चुनौतियों में शामिल है। काम्या की यह उपलब्धि देश की हर बेटी के लिए बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि काम्या ने अपनी मेहनत और जज्बे से न केवल इतिहास रचा है, बल्कि गुरुग्राम और हरियाणा का नाम भी गौरवान्वित किया है।

विधायक मुकेश शर्मा ने दी बधाई और शुभकामनाएं

एमएलए मुकेश शर्मा ने भी काम्या को बधाई देते हुए अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि जिस समर्पण और जज्बे के साथ काम्या कठिन चुनौतियों को पार करते हुए निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने काम्या के उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता के लिए हार्दिक मंगलकामनाएं प्रेषित की हैं।

अप्रैल में भी स्थापित किया था विश्व रिकॉर्ड

उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष अप्रैल में भी एमएलए मुकेश शर्मा ने ओपन वॉटर स्विमिंग में नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने पर काम्या भारद्वाज को सम्मानित किया था। काम्या ने धनुषकोडी से तलाईमन्नार और पुनः धनुषकोडी तक पाक जलडमरूमध्य को दो-तरफा तैरकर पार किया था। उन्होंने लगभग 58 किलोमीटर की दूरी मात्र 18 घंटे 15 मिनट में पूरी की थी।

खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के प्रयास

मुकेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं को उचित मंच, बेहतर सुविधाएं और निरंतर प्रोत्साहन मिले, इसके लिए वे लगातार प्रयासरत हैं। उनका प्रयास है कि हरियाणा का कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे। खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर देश का नाम रोशन करें, यही उनका मुख्य उद्देश्य है।

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