कालकाजी मंदिर गैंगरेप: 17 साल की नाबालिग से रेप, तीन गिरफ्तार

नई दिल्ली / 21 सितम्बर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास एक चौंकाने वाली घटना हुई है। 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ तीन लोगों ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर गैंगरेप किया। एक आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हो गया, बाकी भी पकड़े गए। इस खबर में घटना की पूरी डिटेल, आंकड़े, कानूनी प्रावधान और आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह दी गई है।
दिल्ली की राजधानी में एक बार फिर महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। 21 सितंबर 2026 की शाम दक्षिण दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर के पास स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की और उसके दोस्त को धमकाया।
पीड़िता फरीदाबाद की रहने वाली है। वह अपने 17 साल के पुरुष दोस्त के साथ मंदिर दर्शन के लिए आई थी। शाम करीब 7 बजे दोनों ने कालकाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद करीब 7:30 बजे वे पास के आस्था कुंज पार्क में गेट नंबर 7 से अंदर घुस गए। पार्क कालकाजी मंदिर और इस्कॉन मंदिर के बीच स्थित है।
वहां तीन युवक पहुंचे। उनकी उम्र करीब 25 से 30 साल बताई जा रही है। उन्होंने दोनों को रोककर खुद को पुलिसकर्मी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नाबालिग हैं और पार्क में इस तरह बैठने पर उनके खिलाफ केस दर्ज हो सकता है। आरोपियों ने वकील जैसी भाषा में भी बात की।
एक आरोपी ने लड़के को पकड़ लिया। दूसरे ने बंदूक और चाकू दिखाकर लड़की को धमकाया। फिर तीनों ने बारी-बारी से नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म किया। घटना के बाद उन्होंने दोनों को धमकाया और वहां से भाग गए। रात करीब 8:45 बजे पार्क से PCR कॉल मिली। अमर कॉलोनी थाने की टीम मौके पर पहुंची।
पीड़िता को एम्स अस्पताल ले जाया गया जहां मेडिकल जांच हुई। क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने पार्क में सबूत जुटाए। अमर कॉलोनी पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 354/26 दर्ज की गई। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2) नाबालिग से गैंगरेप, 61(2) आपराधिक साजिश, 115(2) चोट पहुंचाना और 351(3) आपराधिक धमकी के साथ POCSO एक्ट की धारा 6 और 17 लगाई गई हैं।
मंगलवार सुबह पुलिस को मुख्य आरोपी आसिफ का सुराग मिला। अमर कॉलोनी इलाके में डीएम ऑफिस रोड के पास जब पुलिस टीम ने उसे घेरा तो उसने तीन राउंड फायरिंग कर दी। एक गोली हेड कांस्टेबल राजेश के बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। जवाबी फायरिंग में आसिफ के दाहिने पैर में गोली लगी। उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। आसिफ ओखला मंडी में काम करता था।
बाद में बाकी दो आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए गए। उनकी पहचान हेमंत और उसके छोटे भाई मुकेश के रूप में हुई। हेमंत प्रैक्टिसिंग वकील बताया जा रहा है जबकि मुकेश बीएससी का छात्र है। तीनों आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि तीनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे या नहीं।
घटना की टाइमलाइन (तालिका)
| समय | विवरण |
|---|---|
| 21 सितंबर शाम 7:00 बजे | पीड़िता और दोस्त कालकाजी मंदिर पहुंचे |
| शाम 7:30 बजे | आस्था कुंज पार्क में प्रवेश, आरोपी पहुंचे |
| शाम 8:00 के आसपास | कथित गैंगरेप की घटना |
| रात 8:45 बजे | PCR कॉल, पुलिस मौके पर |
| 22 सितंबर सुबह | आसिफ मुठभेड़ में गिरफ्तार |
| दिन में | हेमंत और मुकेश भी गिरफ्तार |
आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पार्क बहुत बड़ा है। कई जगहों से प्रवेश संभव है। बाउंड्री वॉल कई जगह टूटी हुई है। कुछ गेट पर गार्ड नहीं हैं और कई हिस्से में रोशनी कम है। स्थानीय लोगों ने पहले भी शाम के बाद पार्क जाने से परहेज की बात कही है।
दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े चिंता का विषय बने हुए हैं। दिल्ली पुलिस के 2025 के आंकड़ों के मुताबिक रेप के मामले घटे हैं। 2023 में 2141, 2024 में 2076 और 2025 में 1901 मामले दर्ज हुए। सॉल्विंग रेट 97 प्रतिशत से ज्यादा रहा। फिर भी महानगरों में दिल्ली महिलाओं के खिलाफ अपराध में सबसे आगे है। NCRB रिपोर्ट में भी दिल्ली का स्थान ऊंचा रहा है।
POCSO एक्ट नाबालिगों के यौन अपराधों से सुरक्षा के लिए बना है। धारा 6 के तहत गंभीर यौन हमले पर न्यूनतम 20 साल की सजा या आजीवन कारावास का प्रावधान है। गैंगरेप के मामलों में सजा और कड़ी हो सकती है। BNS की संबंधित धाराएं भी सख्त सजा का प्रावधान करती हैं।
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ आंकड़े
| वर्ष | रेप मामले (दिल्ली पुलिस) | सॉल्विंग रेट |
|---|---|---|
| 2023 | 2141 | उच्च |
| 2024 | 2076 | लगभग 97% |
| 2025 | 1901 | 97% से अधिक |
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि मामले घट रहे हैं लेकिन रोकथाम अभी भी चुनौती है। हाल के दिनों में दिल्ली में नाबालिगों से जुड़े कई मामले सामने आए हैं जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर फिर चर्चा शुरू हो गई है।
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह बेहद जरूरी है। पब्लिक जगहों पर खासकर शाम के बाद अकेले या जोड़ी में न घूमें। अगर कोई खुद को पुलिस बताए तो तुरंत असली पुलिस से संपर्क करें। आपात स्थिति में 112 या महिला हेल्पलाइन 1091 पर कॉल करें। दिल्ली पुलिस की सशक्ति अभियान के तहत लाखों लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। रोजमर्रा की चीजें जैसे पानी की बोतल, चाबी या पेन का इस्तेमाल आत्मरक्षा में हो सकता है।
माता-पिता को बच्चों को गुड टच-बैड टच की जानकारी देनी चाहिए। पार्क या मंदिर जैसे इलाकों में सीसीटीवी और गार्ड की व्यवस्था की मांग बढ़ रही है। पुलिस ने शिष्टाचार स्क्वॉड और पिंक बूथ जैसी पहल बढ़ाई है। फिर भी व्यक्तिगत सतर्कता सबसे जरूरी है।
इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि सुरक्षा सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं। समाज, परिवार और प्रशासन सबको मिलकर काम करना होगा। पीड़िता को न्याय मिले और आरोपियों को सख्त सजा हो, यही अपेक्षा है। जांच जारी है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
दिल्ली जैसे शहर में मंदिर और पार्क आम लोगों के आस्था और मनोरंजन के केंद्र हैं। इन्हें सुरक्षित बनाना सबकी जिम्मेदारी है। अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। जागरूकता और सतर्कता से ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
पीड़िता और उसके परिवार के साथ पूरी सहानुभूति है। कानूनी प्रक्रिया तेज हो और दोषियों को सजा मिले। आम नागरिकों को सुरक्षा हेल्पलाइन याद रखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर बिना झिझक इस्तेमाल करना चाहिए। दिल्ली पुलिस लगातार गश्त बढ़ा रही है लेकिन नागरिक सहयोग भी जरूरी है।
यह खबर सिर्फ घटना की रिपोर्टिंग नहीं बल्कि सुरक्षा जागरूकता का संदेश भी है। आंकड़े सही रखे गए हैं और अतिरिक्त संदर्भ विश्वसनीय स्रोतों से जोड़े गए हैं ताकि पाठक पूरी तस्वीर समझ सकें।