काला जठेड़ी को कोर्ट ने दी सात घंटे की कस्टडी पैरोल, जुड़वां बेटियों के जन्म के बाद धार्मिक अनुष्ठान में होगा शामिल

नई दिल्ली में द्वारका कोर्ट ने बुधवार को संदीप उर्फ काला जठेड़ी को सात घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की है। यह कस्टडी पैरोल हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित उसके पैतृक गांव जठेड़ी जाने के लिए दी गई है। वह 20 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच पुलिस कस्टडी में अपने घर जाएगा। आईवीएफ (IVF) के जरिए जुड़वां बेटियों के जन्म के बाद उसे कुछ धार्मिक संस्कारों और कार्यक्रमों में भाग लेना है। अदालत ने दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस को इस कस्टडी पैरोल के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल संदीप उर्फ काला जठेड़ी दिल्ली की सेंट्रल जेल में बंद है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दिया आदेश
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) सिद्धार्थ मलिक ने संदीप उर्फ काला जठेड़ी को 20 सितंबर को अपने परिवार से मिलने के लिए कस्टडी पैरोल दी है। अदालत ने 16 सितंबर को अपने आदेश में कहा कि आवेदक संदीप उर्फ काला जठेड़ी की तरफ से कस्टडी पैरोल के लिए दाखिल की गई अर्जी को स्वीकार कर लिया जाता है। अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपी संदीप उर्फ काला 20 सितंबर 2026 को सुबह 10.00 बजे से शाम 05.00 बजे के बीच कस्टडी पैरोल पर हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव जठेड़ी स्थित अपने घर जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस दौरान होने वाला सारा खर्च आरोपी को ही उठाना होगा। नियमों के मुताबिक यह सारा खर्च संबंधित जेल अधीक्षक के पास पहले ही जमा कराना होगा।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस अधिकारियों के निर्देश
अदालत ने आदेश देते हुए कहा कि डीसीपी थर्ड बटालियन दिल्ली पुलिस, एसएचओ थाना बाबा हरिदास नगर और एसएचओ थाना राई सोनीपत हरियाणा मिलकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करेंगे। आरोपी से जुड़ी सुरक्षा और खतरे की आशंकाओं का आकलन करने के बाद ही कस्टडी पैरोल को आसान बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी को अपने घर पर अपने तुरंत परिवार के सदस्यों और करीबी रिश्तेदारों से मिलने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि यह मुलाकात कस्टडी पैरोल के दौरान उसके साथ मौजूद रहने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की कड़ी निगरानी में ही होगी।
वकीलों की दलीलें और कोर्ट का फैसला
एडवोकेट रोहित कुमार दलाल ने संदीप उर्फ काला जठेड़ी की तरफ से गांव जठेड़ी स्थित अपने घर जाने के लिए कस्टडी पैरोल की याचिका दायर की थी। आरोपी के वकील ने अदालत के सामने दलील दी कि उसे 20 सितंबर 2026 को सोनीपत जिले के गांव जठेड़ी स्थित अपने घर जाने की अनुमति दी जाए क्योंकि उसके घर में जुड़वां बेटियों का जन्म हुआ है और कुछ जरूरी धार्मिक अनुष्ठान किए जाने हैं। वकील ने यह भी दलील दी कि इससे पहले भी 4 मार्च 2024 को संदीप को उसकी शादी के लिए कस्टडी पैरोल दी गई थी और उस दौरान उसने आदेश की किसी भी शर्त का उल्लंघन या दुरुपयोग नहीं किया था। दूसरी तरफ थर्ड बटालियन दिल्ली पुलिस, बाबा हरिदास नगर पुलिस स्टेशन के एसएचओ और राई सोनीपत हरियाणा के एसएचओ की तरफ से अदालत में यह बात रखी गई कि आरोपी एक हाई-रिस्क कैदी है। पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई कि अलग-अलग गैंग्स के बीच आपसी दुश्मनी के कारण उसके घर जाने से कानून और व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की तरफ से बहस सुनने के बाद दिल्ली पुलिस की थर्ड बटालियन की तरफ से अदालत में यह कहा गया कि कस्टडी पैरोल को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जा सकते हैं।