कैथल में चार शराब तस्कर काबू और साइबर ठगी से बचने के लिए एसपी ने दिए जरूरी सुझाव

कैथल जिले में पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री और तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत अलग-अलग मामलों में चार शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 45 बोतल शराब और 150 लीटर लाहन बरामद किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने चार अलग-अलग मामलों में की गिरफ्तारी
पुलिस प्रवक्ता ने इस मामले की पूरी जानकारी साझा की है। पुलिस चौकी भागल के एचसी बीरा राम की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। यह कार्रवाई बनेडा रोड नजदीक पाथरी माता मंदिर के पास की गई। पुलिस ने आरोपी नरेश को काबू किया जो अलेवा जिला जींद का रहने वाला है। जांच के दौरान आरोपी के प्लास्टिक कट्टे से 30 पव्वे और 13 अध्धे यानी कुल 14 बोतल देशी शराब बरामद हुई।
दूसरे मामले में थाना सिविल लाइन पुलिस के एचसी ईकबाल सिंह और सिपाही रोहित की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पुराना बस स्टैंड कैथल के पास दबिश दी। इस दौरान आरोपी राजेश को स्कूटी सहित काबू किया गया जो शक्ति नगर कैथल का रहने वाला है। जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से 13 बोतल देशी शराब बरामद की गई।
तीसरे मामले में थाना शहर कैथल के एएसआई जोरा सिंह की टीम ने कार्रवाई की। सिरटा रोड कैथल पर स्थित एक दुकान पर पुलिस ने दबिश दी। इस दौरान आरोपिया रेखा को काबू किया गया जो महादेव कॉलोनी कैथल की रहने वाली है। दुकान में रखी दो गत्ता पेटियों से कुल 18 बोतल देशी शराब बरामद हुई।
चौथे मामले में पुलिस चौकी क्योड़क के एएसआई बलजीत सिंह की टीम ने कार्रवाई की। गांव दयोहरा से जसवंती रोड पर स्थित पशु बाड़े पर पुलिस ने दबिश दी। इस दौरान आरोपी संदीप कुमार उर्फ काला को काबू किया गया जो गांव दयोहरा का रहने वाला है। आरोपी के कब्जे से प्लास्टिक ड्रम में 150 लीटर लाहन बरामद हुआ।
फर्जी कस्टमर केयर नंबर से रहें सावधान
कैथल में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन से अपील की है कि वे सतर्क होकर कस्टमर केयर नंबर डायल करें। साइबर अपराधी फर्जी कस्टमर केयर नंबर बनाकर लोगों की राशि हड़प रहे हैं। तकनीक के इस युग में साइबर अपराधी अपराध करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। लोग किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर पाने के लिए गूगल का सहारा लेते हैं। साइबर अपराधी फेसबुक, ट्विटर से लेकर गूगल तक फेक कस्टमर केयर नंबर डालकर रखते हैं।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताए बचाव के उपाय
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि जरूरी सावधानियां अपनाकर आमजन गूगल पर फर्जी नंबरों की पहचान कर सकते हैं। गूगल पर सर्च करते समय रिजल्ट में सबसे ऊपर दिख रही वेबसाइट को ही सही नहीं मानें। सर्च में सबसे ऊपर के रिजल्ट के साथ यदि एड या स्पोंसर्ड लिखा है तो क्लिक न करें। सरकारी वेबसाइट के अंत में जीओवी डॉट इन या एनआईसी डॉट इन जरूर होता है। वेबसाइट की शुरुआत में एचटीटीपीएस होना यह बताता है कि वह सुरक्षित है। गूगल मैप के रिजल्ट पर कभी भरोसा न करें क्योंकि इसे कोई भी एडिट कर सकता है।
टर और फेसबुक पर हमेशा ब्लूटिक जरूर चेक करें। सोशल मीडिया पर अपराधी लोगों की शिकायतों पर नजर रखते हैं। शिकायत करते ही इनबॉक्स में कस्टमर केयर बनकर वे अपना नंबर दे देते हैं। लोभ में न आएं क्योंकि अपराधी सस्ता लोन ऑफर करने वाली वेबसाइट बनाकर ठगी कर रहे हैं। किसी से भी कार्ड नंबर, सीवीवी, पिन, पासवर्ड और ओटीपी शेयर न करें।
बलवंती स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
साइबर जागरूकता माह के तहत जिला पुलिस लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। थाना साइबर क्राइम प्रभारी इंस्पेक्टर साहिल और एचसी कृष्ण कुमार की टीम ने कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बलवंती में आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों और अध्यापकों को साइबर ठगों के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि ठग बैंक अधिकारी या पुलिस बनकर फोन करते हैं। ठग नौकरी, इनाम, निवेश, लोन या केवाईसी अपडेट के बहाने जानकारी मांगते हैं। विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या पासवर्ड न दें। बैंक या कोई अधिकृत संस्था फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगती है। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध ऐप डाउनलोड न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।