कैथल पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, मकान मालिक किरायेदारों और नौकरों की पुलिस वेरिफिकेशन में न बरतें कोताही

कैथल पुलिस ने जिले में रह रहे किरायेदारों और घर तथा दुकान में काम करने वाले नौकरों की वेरिफिकेशन करवाने के लिए मकान और दुकान मालिकों को एडवाइजरी जारी की है। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने मकान मालिकों से अपील की है कि वे किरायेदारों व दुकानों पर लगे नौकर के वेरिफिकेशन में कोताही न बरतें। कई बार ऐसा देखा गया है कि नौकर या किरायेदार द्वारा मकान मालिक से झगड़ा, हत्या व चोरी आदि की वारदात होने की खबरें आती रहती हैं। कई अपराधी किसी अन्य शहर या राज्य में आपराधिक वारदात करके अपनी पहचान छुपा कर अन्य शहरों में किरायेदार बनकर रहते हैं और वहीं से अपना नेटवर्क चलाते हैं।
अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा के उपाय
इसके अलावा कई अपराधी मकान किराए पर लेकर शहर में वारदात करने के लिए रेकी करते हैं। मौका मिलते ही वे घटना को अंजाम देकर भाग जाते हैं। जब मकान मालिक से पुलिस द्वारा पूछताछ की जाती है तो मकान मालिक के पास किरायेदार का कोई फोटो, मोबाइल नंबर व सही पता नहीं होता है। किसी भी तरह का अता-पता नहीं होने के कारण वारदात को सुलझाने में भी दिक्कत आती है और अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हो जाता है। एसपी ने बताया कि किरायेदार या नौकर कोई भी आपराधिक घटना को अंजाम न दे सके, इसलिए अब मकान मालिक अपने किरायेदारों व नौकरों की वेरिफिकेशन करना सुनिश्चित करेंगे।
पुलिस रिकॉर्ड और मकान मालिकों की जिम्मेदारी
अगर पुलिस के रिकॉर्ड में ऐसे लोगों की जानकारी पहले से ही मौजूद रहेगी, तो उन पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। किसी भी आपराधिक वारदात की पुनरावृत्ति नहीं होने पाएगी। इसलिए घरेलू नौकर व किराएदार रखने से पहले मकान मालिक पुलिस को सूचना दें ताकि उसके बारे में पूरी तरह तस्दीक की जा सके। मकान मालिकों द्वारा मकान को किराये पर दिए जाने से पहले किराएदार का पूर्ण नाम, पता, मोबाइल नंबर नोट करें तथा स्थानीय पुलिस से उसका वेरिफिकेशन करवा कर ही अपने घरों में रखें। उन्होने यह भी बताया कि अगर कोई मकान मालिक अपने किरायेदारों व नौकर की थाना में वेरिफिकेशन नहीं करवाता है और अगर किरायेदार व नौकर किसी आपराधिक गतिविधि में सम्मिलित पाया जाता है, तो मकान मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।