कैथल पुलिस की एडवाइजरी: खूबसूरत चेहरे और फर्जी प्रोफाइल वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट से रहें सावधान, जानिए बचाव के उपाय

प्रस्तावना और मुख्य बिंदु:
- फेसबुक और सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल और फ्रेंड रिक्वेस्ट से बचें।
- कैथल पुलिस ने साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है।
- जवाहर पार्क में साइबर जागरूकता माह के तहत 'पुलिस की पाठशाला' कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- किसी भी फ्रॉड की स्थिति में 1930 नंबर या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
खूबसूरत चेहरे और अच्छे नाम वाली फेसबुक प्रोफाइल से रहें सावधान
प्रसप कैथल की ईमेल आईडी के अनुसार कैथल में फेसबुक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फ्रॉड से बचने के लिए कैथल पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। प्रायः यह देखने में आ रहा है कि आजकल साइबर अपराधी फेसबुक मैसेंजर या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। कैथल पुलिस द्वारा इस प्रकार के फ्रॉड से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है ताकि आमजन सुरक्षित रह सकें।
इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि तकनीक के इस युग में लगभग हर व्यक्ति कंप्यूटर अथवा मोबाइल से जुड़ा हुआ है। ऐसे में साइबर अपराधी भी अपराध करने के नए-नए तरीके अपनाकर आए दिन लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर ठगों द्वारा सोशल मीडिया पर लोगों को फेसबुक मैसेंजर या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए साइबर अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है।
फर्जी अकाउंट्स और वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग का खेल
एसपी ने बताया कि हैकर खूबसूरत चेहरे और अच्छे नाम वाली फर्जी फेसबुक इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं। ज्यादातर ऐसे फर्जी अकाउंट्स लड़कियों के नाम से होते हैं। चैटिंग के दौरान साइबर अपराधी पीड़ित को कई तरह के वीडियो चैट एप्लिकेशन डाउनलोड करने की सलाह देते हैं। कई चैट के बाद साइबर अपराधी पीड़ित को वीडियो कॉलिंग के लिए मना लेते हैं और साइबर अपराधी पीड़ित के साथ न्यूड वीडियो कॉल कर लेते हैं।
लाइव वीडियो चैट साइबर अपराधियों द्वारा महिला के रूप में प्रस्तुत की जाती है। साइबर अपराधी पीड़ित को भी न्यूड होने के लिए बहकाता है। पीड़ित व्यक्ति उसकी बातों में आकर न्यूड हो जाता है और फिर चल रहे वीडियो कॉल का स्क्रीनशॉट या स्क्रीन रिकॉर्डिंग सहेज लिया जाता है। एसपी ने बताया कि इसके बाद ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू होता है।
पैसों की मांग और बदनामी का डर दिखाने वाले साइबर ठग
साइबर अपराधी सेव न्यूड वीडियो को अश्लील वेबसाइटों यूट्यूब आदि पर अपलोड करने या उसके परिचितों को भेज देने की धमकी देकर पैसों की मांग करते हैं। व्यक्ति बदनामी के डर से पैसे भेज देता है और ब्लैकमेलिंग जबरन वसूली का शिकार हो जाता है। एसपी ने कहा कि इंटरनेट मीडिया के दौर में अगर थोड़ी बहुत सावधानी रखी जाए तो धोखाधड़ी या ब्लैकमेल होने से बचा जा सकता है।
अजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल ना उठाएं, अगर कॉल उठाना ही पड़े तो सबसे पहले अपने मोबाइल के फ्रंट कैमरे पर अपनी उंगली रख लें। अगर कोई वीडियो बना भी ले तो ब्लैकमेल होकर उसे रुपए ना दें बल्कि उसकी जानकारी पुलिस थाने में दें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें। डिजिटल दुनिया में सतर्क सावधान रहकर अपने आप को धोखाधड़ी ब्लैकमेलिंग से बचाया जा सकता है।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
निम्न सावधानियों को अपनाकर इस प्रकार के फ्रॉड से बचा जा सकता है-
- सोशल मीडिया अकाउंट के प्रोफाइल को हमेशा लॉक रखें तथा अपनी प्रोफाइल पर प्राइवेसी सेटिंग करके रखें।
- अजान नंबर से वीडियो कॉल को रिसीव ना करें। अगर कॉल रिसीव कर ली गई है तो मोबाइल का कैमरा फ्रंट की बजाय रियर मोड पर कर दें या हमेशा फेस को दूर रखें।
- अगर आपकी वीडियो यूट्यूब पर अपलोड कर दी गई है तो उसे रिपोर्ट कर दें, ऐसा करने पर यूट्यूब उस वीडियो को यूट्यूब से हटा देगी।
- किसी भी अजनबी को अपने प्रोफाइल के बारे में पूरी जानकारी ना दें। अपनी पहचान या कोई एड्रेस भी ना दें और ना अपना पर्सनल मोबाइल नंबर शेयर करें।
- अगर आपके साथ इस प्रकार का फ्रॉड हो जाता है तो बेझिझक नजदीकी पुलिस थाना में जाकर थाना में स्थापित साइबर डेस्क व नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
जवाहर पार्क कैथल में आयोजित हुआ पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम
अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना साइबर क्राइम प्रभारी इंस्पेक्टर साहिल व एएसआई विनोद कुमार की टीम द्वारा जवाहर पार्क कैथल में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पार्क में मौजूद आमजन को साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान पुलिस टीम द्वारा आमजन को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फेक कस्टमर केयर नंबर, लिंक पर क्लिक कर ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा, ओटीपी शेयर ना करने, मजबूत पासवर्ड बनाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के बारे में समझाया गया। साथ ही 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर तथा साइबर पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। आमजन ने पुलिस विभाग द्वारा आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता व जागरूकता बढ़ती है।