कैथल: मां के इलाज के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना पड़ा महंगा, खाते से 2.76 लाख उड़ाए

कैथल में मां का इलाज कराने के लिए ऑनलाइन अस्पताल का नंबर खोजना एक युवक को बहुत महंगा पड़ गया। साइबर ठग ने मेडिकल रजिस्ट्रेशन के नाम पर युवक के मोबाइल पर एक एप फाइल भेजी और उसमें पूरी डिटेल भरने के लिए कहा। इसके बाद ठगों ने युवक के बैंक खाते से अलग-अलग समय में कुल दो लाख क्षेत्र हजार चार सौ बहत्तर रुपये निकाल लिए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर थाना पुलिस को इस मामले की पूरी शिकायत दी। पुलिस ने शुक्रवार को अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके अपनी जांच शुरू कर दी है।
ढांड की नई अनाज मंडी का मामला
नई अनाज मंडी ढांड निवासी अनिल कुमार ने पुलिस को पूरी बात बताई। अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि उसकी मंडी में जनरल स्टोर की दुकान है। उसका एक निजी बैंक में बचत खाता है और वह इस खाते से गूगल पे भी चलाता है। उसकी मां कांता देवी काफी समय से एलर्जी की बीमारी से बहुत परेशान हैं। सत्ताइस सितंबर को उसने अपनी मां का इलाज कराने के लिए गूगल पर एक स्किन अस्पताल का नंबर तलाशा था। अनिल के मुताबिक, उसने ऑनलाइन मिले हुए नंबर पर कॉल की, लेकिन किसी से भी संपर्क नहीं हो सका।
साइबर ठगों का खेल और एप फाइल का चक्कर
कुछ देर बाद उसी नंबर से अनिल के पास दोबारा फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अस्पताल में रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही और अनिल के मोबाइल पर एक एप फाइल का लिंक भेज दिया। आरोपी ने उसे यह भी बताया कि एप फाइल में अपनी जानकारी भरने के बाद पांच रुपये ऑनलाइन भेजने पर रजिस्ट्रेशन पक्का हो जाएगा। अनिल ने आरोपी की बात पर पूरा भरोसा करते हुए उस फाइल में अपनी सारी डिटेल भर दी। इसके बाद उसने पांच रुपये गूगल पे करने का प्रयास किया, लेकिन वह रकम खाते से नहीं कट पाई।
पांच रुपये का भुगतान न होने पर दोबारा कॉल
पांच रुपये का भुगतान नहीं होने पर अनिल ने आरोपी से दोबारा संपर्क किया। आरोपी ने अनिल से कहा कि वह बाद में दोबारा फोन करेगा और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरी करवा देगा। इसके बाद आरोपी ने अनिल को दोबारा कभी कॉल नहीं की। कुछ समय बाद अचानक अनिल के बैंक खाते से अलग-अलग समय में भारी रकम निकलने लगी। कुल दो लाख क्षेत्र हजार चार सौ बहत्तर रुपये खाते से कटने के बाद ही उसे असली साइबर ठगी का पता चला।
पुलिस की जांच और आगामी कार्रवाई
इसके बाद उसने इस मामले की शिकायत तुरंत साइबर थाना पुलिस को दी। साइबर थाना के जांच अधिकारी रणधीर सिंह ने मीडिया को बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। बैंक खाते से निकली रकम और आरोपी द्वारा भेजी गई एप फाइल समेत अन्य सभी तकनीकी साक्ष्यों की बहुत बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।