कैथल में विदेश भेजने के नाम पर 13 लाख की ठगी, एंटी एमिग्रेशन सैल ने आरोपी को किया गिरफ्तार

कैथल जिले में विदेश भेजने और विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर 13 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में एंटी एमिग्रेशन सैल की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान रणजीत सिंह के रूप में हुई है जो गांव डाचर जिला करनाल का रहने वाला है। एंटी एमिग्रेशन सैल के एएसआई सुरेंद्र सिंह की टीम इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई ठगी
पुलिस प्रवक्ता ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गांव पाई निवासी राजेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का बेटा गौरव विदेश जाना चाहता था और इसके लिए उसने अपने एक रिश्तेदार से संपर्क किया था। रिश्तेदार के माध्यम से ही पीड़ित परिवार की मुलाकात रणजीत सिंह नामक आरोपी से हुई थी। आरोपी रणजीत सिंह ने शिकायतकर्ता को विश्वास दिलाया था कि वह उसके बेटे गौरव को जर्मनी में नौकरी लगवा देगा और आसानी से जर्मनी भेज देगा। आरोपी की मीठी और झूठी बातों पर भरोसा करके शिकायतकर्ता ने उसे 10 लाख रुपये नकद दे दिए थे।
फर्जी वीजा देकर जंगल में छोड़ा और मांगे अतिरिक्त पैसे
पैसे लेने के बाद आरोपी ने फरवरी 2024 में गौरव को एक फर्जी वीजा के माध्यम से विदेश भेज दिया था। विदेश पहुंचने पर गौरव को किसी अनजान जंगलनुमा स्थान पर अकेला ही छोड़ दिया गया था। उस स्थान पर किसी भी प्रकार की उचित व्यवस्था और सुरक्षा नहीं थी जिसके कारण गौरव को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जब पीड़ित पिता ने अपने बेटे को वापस भारत बुलाने के लिए कहा तो आरोपी ने 3 लाख रुपये अतिरिक्त की मांग कर डाली। शिकायतकर्ता ने यह अतिरिक्त राशि आरोपी को नकद देने के साथ-साथ उसके कहने पर गूगल-पे के माध्यम से भी भेजी थी। इस सब संघर्ष के करीब 25 दिन बाद किसी तरह गौरव वापस भारत लौट आया था।
पंचायत में माना जुर्म और दिए बाउंस चेक
भारत लौटने के बाद आरोपी ने दोबारा विश्वास दिलाया कि वह गौरव को इस बार सही तरीके से विदेश भेज देगा। लेकिन आरोपी ने न तो पैसे वापस किए और न ही युवक को दोबारा विदेश भेजा। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो यह मामला गांव की पंचायत में पहुंच गया था। पंचायत के सामने आरोपी रणजीत सिंह ने अपनी गलती को पूरी तरह स्वीकार किया था। पंचायती तौर पर आरोपी की जिम्मेदारी गांव डाचर निवासी राजू ने ली थी। इसके बाद आरोपी ने रकम लौटाने के लिए पीड़ित को दो चेक दिए थे जिनमें से एक चेक 5,95,000 रुपये का और दूसरा चेक 5,00,000 रुपये का था। जब शिकायतकर्ता ने इन दोनों चेकों को बैंक में जमा कराया तो आरोपी के बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेकों का भुगतान नहीं हो सका और वे बाउंस हो गए।
पुलिस रिमांड और धमकी का मामला
चेक बाउंस होने के बाद आरोपी ने फरवरी 2025 में पैसे लौटाने का नया आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसने एक भी रुपया वापस नहीं किया। जब शिकायतकर्ता ने अपनी मेहनत की कमाई के पैसे दोबारा वापस मांगे तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित की शिकायत के आधार पर संबंधित थाना पूंडरी में मामला दर्ज कर लिया गया था। इस धोखाधड़ी मामले में व्यापक पूछताछ करने और गहराई से छानबीन करने के लिए पुलिस ने न्यायालय से आरोपी का 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से अन्य वारदातों और सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है।