कैथल में गोशालाओं के लिए बड़ा ऐलान: अब साल में दो बार मार्च और सितंबर में मिलेगी ग्रांट

कैथल में गोवंश के रख-रखाव को लेकर एक नया फैसला सामने आया है। अब गोशालाओं को साल में चार की बजाय केवल दो बार ग्रांट जारी की जाएगी। यह राशि गेहूं और धान के सीजन से पहले मार्च और सितंबर महीने में गोशालाओं को दी जाएगी। इसके साथ ही गोशालाओं को जल्द ही ई-रिक्शा उपलब्ध करवाने की योजना भी बनाई जा रही है।
यह सारी जानकारी गो सेवा आयोग के चेयरमैन रामचंद्र कांबोज ने सोमवार को दी। वह नीम साहिब गुरुद्वारा मार्ग पर स्थित गोपाल गोशाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। चेयरमैन बनने के बाद वह पहली बार कैथल पहुंचे थे। कैथल पहुंचने पर जिला गोशाला महासंघ के प्रधान आनंद शर्मा करोड़ा सहित अन्य गोशाला संचालकों ने उनका भव्य स्वागत किया।
हर महीने होगी जिले में सीधी बैठक
रामचंद्र कांबोज ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि गोशालाओं से जुड़ी समस्याओं और संचालकों के सुझावों पर सीधी जानकारी लेने के लिए वह हर जिले में महीने में एक बैठक करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य यह था कि गोशालाओं में गोवंश के रख-रखाव से संबंधित जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनके समाधान का पूरा प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि पहले साल में चार बार ग्रांट जारी होती थी, लेकिन राशि मिलने में देरी की लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। अब सरकार ने साल में दो बार ग्रांट देने की नई व्यवस्था तय की है। मार्च में गेहूं के सीजन से पहले और सितंबर में धान के सीजन से पहले राशि मिलने से गोशाला संचालकों को गोवंश के चारे और रख-रखाव की व्यवस्था करने में काफी सुविधा होगी।
सड़कों से बेसहारा गोवंश हटाने के लिए बनेंगे गो अभयारण्य
चेयरमैन ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क पर घूमने वाले बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय देने के लिए हर जिले में गो अभयारण्य बनाए जाएंगे। कई जिलों में इनका निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। इन नए अभयारण्यों में सभी बेसहारा गोवंश को रखने की उचित व्यवस्था की जाएगी, जिससे सड़कों पर होने वाले सड़क हादसों और दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
उन्होंने आम जनता से विशेष अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने गोवंश को सड़कों पर बिल्कुल न छोड़े। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति गोवंश को सड़कों पर छोड़ता है, तो इसकी तुरंत सूचना स्थानीय प्रशासन को दी जाए। उन्होंने सभी गोशाला संचालकों से भी आह्वान किया कि वे गोवंश के रख-रखाव के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रमुख लोग
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान गो सेवा आयोग की पूर्व चेयरमैन सुमन गुप्ता, जिला गोशाला महासंघ के प्रधान आनंद शर्मा करोड़ा, समाजसेवी सुमेर चौधरी और आयोग सदस्य सतीश मुंजाल उपस्थित रहे। इनके अलावा प्रदीप सिंगला, पुरुषोत्तम, मदन मंगला, रणधीर, हरिश, मोनू बालू, यशपाल सेतिया, रमेश बंसल, सतनारायण, लज्जा राम और नरेंद्र कुमार सहित विभिन्न गोशालाओं के संचालक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।