कैथल में त्योहारी सीजन से पहले खाद्य एवं औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई, पनीर के पांच सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे

त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य एवं औषधि विभाग ने जिले में खाद्य पदार्थों की जांच तेज कर दी है। मिलावटी पनीर बेचे जाने की शिकायत के बाद विभाग की टीम ने कैथल, कलायत, ढांड और गांव पाई में अलग-अलग स्थानों पर औचक जांच की है। इस दौरान विभाग की टीम ने पनीर के पांच खाद्य नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। विभाग के अनुसार लिए गए इन सभी नमूनों की रिपोर्ट अगले माह आने की उम्मीद है।
अलग-अलग क्षेत्रों से लिए गए नमूने
विभाग की टीम ने अपनी इस विशेष कार्रवाई के दौरान कलायत से पनीर के दो सैंपल लिए हैं। इसके अलावा कैथल शहर, ढांड और पाई से पनीर का एक-एक नमूना लिया गया है। जांच के लिए भेजे गए सभी नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लिए गए पनीर के ये नमूने निर्धारित खाद्य मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
गांव पाई में दूध नष्ट किया गया
जांच के दौरान टीम को गांव पाई में एक दुकान पर करीब 50 लीटर दूध मिला। दूध के रखरखाव को लेकर विभाग की टीम ने कड़ी आपत्ति जताई। दूध को उचित तरीके से नहीं रखे जाने के कारण उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया है। इसके साथ ही दुकानदार को दूध की गुणवत्ता और उसके उचित रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतنے की सख्त हिदायत दी गई है।
अधिकारियों का क्या कहना है
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. अभिषेक शर्मा ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि नकली और मिलावटी पनीर की मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आयुक्त, खाद्य एवं औषधि विभाग, हरियाणा के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नकली पनीर बनाए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीम ने अलग-अलग स्थानों से पनीर के पांच नमूने लिए हैं।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से मिलावटी पनीर के उत्पादन और उसकी बिक्री को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। कम या मध्यम फैट वाले पनीर की बिक्री के लिए पैकेजिंग और लेबलिंग के नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डा. शर्मा ने अंत में यह भी बताया कि आगामी त्योहारों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए जिले में खाद्य पदार्थों की जांच और सैंपलिंग का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।