कैथल में विदेश में रह रहे जानकार का नाम लेकर 3.40 लाख रुपये की साइबर ठगी

कैथल में विदेश में रह रहे जानकार का नाम लेकर 3.40 लाख रुपये की साइबर ठगी

कैथल के गांव बीर बांगड़ा निवासी युवक के साथ विदेश में रह रहे जानकार का नाम लेकर तीन लाख 40 हजार रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। रामबीर नाम के पीड़ित व्यक्ति ने इस संबंध में साइबर क्राइम थाना पुलिस को शिकायत दी है और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • विदेश में रह रहे जानकार का नाम लेकर युवक से ठगी की गई।
  • व्हाट्सएप पर साढ़े आठ लाख रुपये की फर्जी रसीद भेजी गई।
  • बैंक अधिकारी बनकर पीड़ित को भरोसे में लिया गया।
  • आरोपियों के बताए खाते में 3.40 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए।

कैसे हुई ठगी की शुरुआत

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कैथल जिले के गांव बीर बांगड़ा निवासी रामबीर को 17 अगस्त को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने विदेश में रह रहे उसके जानकार सुखविंद्र का नाम लेकर उससे बात की थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने कहा था कि वह कुछ दिनों बाद भारत आएगा और तब तक कुछ रुपये उसके पास भेज रहा है। भारत आने के बाद वह उससे वे पैसे वापस ले लेगा।

साढ़े आठ लाख रुपये की भेजी फर्जी रसीद

बातचीत के कुछ समय बाद रामबीर के व्हाट्सएप पर साढ़े आठ लाख रुपये की एक फर्जी रसीद भेजी गई थी। इस रसीद को देखकर पीड़ित को पूरा विश्वास हो गया कि वास्तव में विदेश से उसके बैंक खाते में पैसे भेज दिए गए हैं। इसके कुछ देर बाद ही एक दूसरे नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए पूछा था कि क्या उसके खाते में विदेश से पैसे आए हैं।

बैंक अधिकारी बनकर दिया झांसा

जब पीड़ित ने हां में जवाब दिया तो उसे बताया गया कि यह रकम 24 घंटे के भीतर उसके खाते में पहुंच जाएगी। इसके बाद ठगों ने अपनी कहानी में एक और नई कड़ी जोड़ दी थी। फोन करने वाले ने कहा कि भारत में उनके एक दोस्त को तत्काल पैसों की जरूरत है। साथ ही यह भी कहा कि सुखविंद्र ने उसे तीन लाख 40 हजार रुपये देने के लिए कहा है।

पैसे ट्रांसफर करने के बाद हुआ ठगी का अहसास

पीड़ित ने व्हाट्सएप पर सुखविंद्र से भी इस बारे में बातचीत करके पुष्टि करनी चाही। वहां से भी पैसे देने के लिए कहे जाने के बाद उसने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में तीन लाख 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। बाद में जब उसे अपने साथ हुई ठगी का असलियत में पता चला तो उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर इस पूरी जांच की जिम्मेदारी एएसआई नरेश कुमार को सौंप दी है।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

साइबर क्राइम थाना पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस उन सभी मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है जिनका इस्तेमाल इन आरोपियों द्वारा ठगी की इस वारदात को अंजाम देने के लिए किया गया था।

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